UP Politics Row: मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, कहा- 'वोट बैंक के चक्कर में यदुवंश का अपमान कर रहे सपा प्रमुख'
भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान अचानक काफी बढ़ गया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमलावर हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते अखिलेश यादव मौलाना के विवादित बयान पर चुप्पी साधे बैठे हैं और 'यदुवंश' का अपमान बर्दाश्त कर रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो आगामी चुनाव और जनसांख्यिकीय समीकरणों को देखते हुए यह विवाद अब धार्मिक से पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।
राजभर का हमला: "मुस्लिम वोट बैंक के लिए साधी चुप्पी"
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लखनऊ में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया:
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वोट बैंक की राजनीति का आरोप: राजभर ने कहा कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश यादव आज मुस्लिम वोट बैंक खिसकने के डर से मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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यदुवंश के सम्मान पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण की आस्था और अस्मिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब सपा नेतृत्व का मौन रहना यह साबित करता है कि उनके लिए धर्म और संस्कृति से बड़ा तुष्टीकरण और वोट बैंक का गणित है।
क्या था मौलाना जर्जिस अंसारी का विवादित बयान?
इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं:
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भारी आक्रोश और एफआईआर: इस बयान के सामने आते ही साधु-संतों, हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।
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कानूनी कार्रवाई: जनभावनाओं को आहत करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में लखनऊ में मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
बीजेपी और एनडीए का पोस्टर वार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ समेत कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों ने 'अखिलेश यादव की चुप्पी' को लेकर पोस्टर और सोशल मीडिया कैंपेन चला दिया है:
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बीजेपी का सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब भी किसी विशेष समुदाय से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा आता है, अखिलेश यादव तुरंत ट्वीट करते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी होने पर उन्होंने साजिशन मौन धारण कर लिया है।
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सपा का पलटवार: वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार और एनडीए गठबंधन अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों और मुद्दों को तूल दे रहे हैं। सपा हर धर्म और आस्था का सम्मान करती है।