UP MLC Election 2026: यूपी में कल बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल, लखनऊ में 121 मतदान केंद्रों पर वोटिंग की तैयारी पूरी
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शुक्रवार यानी 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान को सुचारू, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने मतदान वाले जिलों में व्यापक इंतजाम किए हैं। मतदान की व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और पोलिंग बूथों की स्थापना को देखते हुए लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गाजियाबाद सहित कई संबंधित जिलों में सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी (सीबीएसई व आईसीएसई) विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक का अवकाश घोषित किया गया है। संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
लखनऊ में 121 मतदान केंद्र और 259 बूथ तैयार, 9 जोन में बंटा इलाका
राजधानी लखनऊ में स्नातक और शिक्षक खंड चुनाव को संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने फुलप्रूफ सुरक्षा चक्र तैयार किया है। जिले में कुल 121 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनके अंतर्गत 259 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। चुनाव को व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए पूरे क्षेत्र को 9 जोन और 45 सेक्टर में विभाजित कर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पोलिंग पार्टियों को ईवीएम व मतपेटियों के साथ गुरुवार को ही निर्धारित केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया। मतदान दलों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए 72 भारी और 62 हल्के वाहनों समेत कुल 134 वाहनों का अधिग्रहण किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में 1,030 से अधिक मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
1.16 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,16,491 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 96,070 मतदाता शामिल हैं, जिनके लिए 138 बूथ बनाए गए हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 20,421 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसके लिए 121 बूथ निर्धारित किए गए हैं। मतदान की प्रक्रिया सुबह 8:00 बजे से शुरू होकर शाम 4:00 बजे तक चलेगी। मतपत्रों के जरिए होने वाले इस चुनाव में वरीयता क्रम (प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम) के तहत वोट डाले जाएंगे।
100 मीटर के दायरे में प्रचार प्रतिबंधित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रचार, पोस्टर-बैनर लगाने, लाउडस्पीकर बजाने या राजनीतिक दलों की टेबल लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस परिधि में अनाधिकृत वाहनों और भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होगी। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी और माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। मतदान समाप्त होने के बाद सभी सीलबंद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रमाबाई रैली स्थल स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाया जाएगा, जहां 27 अक्टूबर को मतों की गिनती होगी।
मतदान केंद्र पर कौन-से पहचान पत्र होंगे मान्य?
मतदान के लिए मतदाताओं को अपना फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो आयोग द्वारा तय किए गए वैकल्पिक दस्तावेजों—जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य/केंद्र सरकार या शिक्षण संस्थानों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र अथवा मूल डिग्री प्रमाण पत्र—को दिखाकर भी मतदान किया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय से मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लें।