एफडीआर तकनीक से 1,096.88 करोड़ रुपये की बचत, 3.78 लाख घनमीटर एग्रीगेट के खनन से मिली पर्यावरणीय राहत, गर्व की विषय, केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य जी की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) की साधारण सभा की बैठक आहूत की गई। बैठक में मा0 राज्य मंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, सचिव वित्त, सचिव लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण विकास सड़क अभिकरण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों भी उपस्थित रहे। श्री मौर्य जी ने वित्त विभाग से समन्वय स्थापित कर वित्तीय स्वीकृतियां तत्काल जारी करने, फुटप्रिंट एवं कार्बन क्रेडिट का सतत उपयोग सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण मार्गों के निर्माण के पूर्ण होने पर मार्गों के किनारे फलदार वृक्षों का रोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य तकनीकी टीम को मार्गों का परीक्षण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर ही केंद्रीय सर्वेक्षण टीम को आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा प्रेषित प्रस्तावों पर सहमति प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-3 के शेष मार्गों का निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाए तथा भारत सरकार द्वारा फेज-4 के अंतर्गत स्वीकृत 374 मार्गों का शिलान्यास जल्द से जल्द कराया जाए। उन्होंने 250 आबादी वाले गांवों को भी योजना से जोड़ने के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण/उच्चीकरण के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक को अपनाए जाने संबंधी कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इस आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक के माध्यम से प्रदेश में अब तक 746 सड़कों की कुल 5,809.99 किलोमीटर लंबाई के निर्माण/उच्चीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण/उच्चीकरण के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक को अपनाए जाने संबंधी कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इस आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक के माध्यम से प्रदेश में अब तक 746 सड़कों की कुल 5,809.99 किलोमीटर लंबाई के निर्माण/उच्चीकरण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।