यूपी विधानसभा का मानसून सत्र आज से: अनुपूरक बजट और उपलब्धियों पर सरकार का जोर, चढ़ावा चोरी से रामपुर तक के मुद्दों पर विपक्ष के तीखे तेवर

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र आज से: अनुपूरक बजट और उपलब्धियों पर सरकार का जोर, चढ़ावा चोरी से रामपुर तक के मुद्दों पर विपक्ष के तीखे तेवर

विशेष रिपोर्टर, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज यानी 3 अगस्त 2026 से राजधानी लखनऊ में शुरू हो रहा है। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित हो रहा यह मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सदन में राज्य के विकास के विजन, कानून-व्यवस्था के ट्रैक रिकॉर्ड और वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) को पेश कर अपनी उपलब्धियां भुनाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके सहयोगी दल सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए पूरी तरह लामबंद हो चुके हैं। विपक्ष ने इस सत्र के दौरान धार्मिक स्थलों और मंदिरों में चढ़ावा चोरी के आरोपों से लेकर रामपुर में प्रशासनिक कार्रवाइयों, बिजली कटौती, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, छुट्टा पशुओं के आतंक और राज्य की कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछने की रणनीति बनाई है।

सत्र के पहले दिन की कार्यवाही से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) संपन्न हुई, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी दलों के नेताओं से सदन को सुचारू, शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से चलाने में सहयोग की अपील की। हालांकि, सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस होना तय माना जा रहा है।

चढ़ावा चोरी, रामपुर विवाद और जनहित के मुद्दों पर विपक्ष का हल्लाबोल

मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और कांग्रेस के विधायकों ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के साफ संकेत दे दिए हैं। विपक्ष के मुख्य तरकश में इस बार धार्मिक स्थलों पर कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से शामिल है। हाल के दिनों में मंदिरों के दानपात्र और चढ़ावे में हेरफेर को लेकर सामने आई खबरों पर सपा विधायक सदन में सरकार की प्रशासनिक विफलता और निगरानी तंत्र पर सवाल उठाएंगे।

इसके साथ ही रामपुर जिले में वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के करीबियों व स्थानीय संपत्तियों पर जारी प्रशासनिक कार्रवाइयों और पुलिस उत्पीड़न के आरोपों पर भी जोरदार हंगामा होने की संभावना है। रामपुर विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर बदले की भावना से राजनीतिक कार्रवाई करने का आरोप लगाता रहा है, जिसे इस सत्र में प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।

विपक्ष केवल इन्हीं मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश में जारी उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या, किसानों को फसलों का उचित मूल्य न मिलना, खाद-बीज की किल्लत, ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति, तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से युवाओं में उपजे असंतोष जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सपा और कांग्रेस के सदस्य स्थगन प्रस्ताव लाने और सदन की कार्यवाही बाधित करने की योजना बना रहे हैं।

अनुपूरक बजट 2026-27 और 'विजन 2047': उपलब्धियों के दम पर सरकार का पलटवार

विपक्ष के तीखे तेवरों का सामना करने के लिए सत्ता पक्ष यानी योगी सरकार ने भी पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे विपक्ष के हर आरोप का आंकड़ों और तथ्यों के साथ करारा जवाब दें। सरकार सदन में राज्य की 2017 से अब तक की उपलब्धियां, जैसे कि माफिया मुक्त कानून-व्यवस्था, रिकॉर्ड निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट्स) और जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखेगी।

इस मानसून सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) होने वाला है, जिसे 4 अगस्त को वित्त मंत्री द्वारा सदन के पटल पर रखा जाएगा। योगी सरकार पहले ही 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मूल बजट पारित करा चुकी है। इस अनुपूरक बजट में सरकार प्रदेश की आगामी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास, औद्योगिक गलियारे, युवा स्वरोजगार और किसानों के लिए अतिरिक्त वित्तीय बजटीय आवंटन की घोषणा कर सकती है।

इसके साथ ही, राज्य सरकार 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' (UP 2047 Vision Document) का विजन डॉक्यूमेंट भी सदन के सामने प्रस्तुत कर सकती है, जिसमें उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 'रामराज्य' की अवधारणा को साकार करने का रोडमैप शामिल है।

लखनऊ में अभेद्य सुरक्षा का रोडमैप: विधान भवन के 5 किमी दायरे में धारा 163 लागू

मानसून सत्र के दौरान किसी भी अनहोनी, धरना-प्रदर्शन या सुरक्षा में चूक को रोकने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने विधान भवन और आसपास के क्षेत्रों में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का रोडमैप तैयार किया है। सुरक्षा को देखते हुए विधान भवन के 5 किलोमीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। इस पूरे क्षेत्र को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित किया गया है, जहां बिना पूर्वानुमति के ड्रोन उड़ाने, विरोध प्रदर्शन करने या जुलूस निकालने पर सख्त पाबंदी है।

सुरक्षा बल की तैनाती को 4 जोन और 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। परिसर की सुरक्षा में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसी (PAC) और आरआरएफ की 6 कंपनियां, यूपी एटीएस (ATS) की 3 स्पेशल कमान्डो टीमें, बम निरोधक दस्ते और एंटी-माइन टीमें तैनात की गई हैं। ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी-वार्म कैमरे अनिवार्य किए गए हैं और पूरे विधान परिसर की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए लखनऊ पुलिस ने हज़रतगंज, परिवर्तन चौक, सिकंदरबाग और बंदरियाबाग के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है।

3 से 6 अगस्त तक चलेगा सत्र: जानिए विधानमंडल का संभावित कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का यह मानसून सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होकर 6 अगस्त 2026 तक संचालित होने की उम्मीद है। सत्र का समय सारणी और प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 3 अगस्त (पहला दिन): सत्र के पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के दिवंगत वरिष्ठ विधायक आलमबदी के हालिया निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। इसके बाद परंपरा के अनुसार विधानसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी जाएगी।

  • 4 अगस्त (दूसरा दिन): सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वित्त मंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यादेशों और विधायी कार्यवाहियों की तालिका रखी जाएगी।

  • 5 अगस्त (तीसरा दिन): अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकारी विधेयकों को पारित कराने की प्रक्रिया होगी। विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों और ध्यान आकर्षण प्रस्तावों पर सरकारी मंत्री उत्तर देंगे।

  • 6 अगस्त (चौथा दिन): अनुपूरक अनुदानों की मांगों पर मतदान, बजट पारित कराने और अन्य आवश्यक विधायी कार्यों को पूरा करने के साथ मानसून सत्र का समापन होगा।

चार दिनों की इस सीमित अवधि वाले सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक शह-मात का खेल देखने को मिलेगा। जहां सरकार बजटीय प्रस्तावों और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएगी, वहीं विपक्ष जनता के मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए तैयार है।

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