UP Rain Alert: यूपी में मॉनसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, आज 60 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट, लखनऊ-कानपुर से पूर्वांचल तक अलर्ट जारी

UP Rain Alert: यूपी में मॉनसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, आज 60 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट, लखनऊ-कानपुर से पूर्वांचल तक अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में कमजोर पड़ चुके मॉनसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी कर ली है। बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम और मॉनसून ट्रफ लाइन के एक्टिव होने के चलते प्रदेश भर के मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल चुका है। उमस भरी चिपचिपी गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को जहां इस बारिश से भारी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने भीषण आंधी, जलभराव और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। प्रदेश के लगभग 60 से अधिक जनपदों में बारिश और बिजली गिरने का दोहरा अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक पूरे राज्य में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का यह दौर जारी रहेगा।

मॉनसून के दोबारा एक्टिव होने की मुख्य वजह क्या है

मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके साथ ही मॉनसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से गुजर रही है, जो नम पुरवा हवाओं को सीधे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में खींच रही है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से आ रही नमी के कारण बादलों का एक विशाल समूह उत्तर प्रदेश के ऊपर बन चुका है। इसी वायुमंडलीय दबाव और तापमान के टकराव की वजह से केवल बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (लाइटनिंग स्ट्राइक) की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसी कारण विभाग ने लोगों को बिना जरूरी काम खुले में निकलने से बचने की सीधी सलाह दी है।

60 से ज्यादा जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों को तीन अलग-अलग जोन में बांटकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और अवध क्षेत्र के अधिकांश जनपदों में भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने की अधिकतम आशंका जताई गई है। जिन जिलों के लिए मुख्य रूप से अलर्ट जारी हुआ है, उनमें लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़, कासगंज, एटा, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया और जालौन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।

प्रमुख शहरों के मौसम का हाल

राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल डेरा जमाए हुए हैं। यहां दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही तेज बौछारों से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।

कानपुर और औद्योगिक बेल्ट में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। गंगा के तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ने की निगरानी की जा रही है।

वाराणसी और प्रयागराज के घाटों के किनारे तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने नाविकों और स्नानार्थियों को विशेष रूप से अलर्ट रहने और गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी है।

गोरखपुर, बस्ती और देवरिया बेल्ट में मॉनसून सबसे ज्यादा आक्रामक रूप में दिख रहा है। यहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्गों पर पानी भरने लगा है।

पश्चिमी यूपी के बरेली, मुरादाबाद और आगरा में भी मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह निजात मिली है।

किसानों के लिए वरदान या आफत

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून का यह दौर धान की फसल के लिए संजीवनी बूटी साबित हो रहा है। जो धान की फसलें पानी की कमी से सूखने की कगार पर थीं, उन्हें इस बारिश से सीधा जीवनदान मिला है। इसके अलावा गन्ने और चारे की फसलों को भी इस बारिश से जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। हालांकि, जिन इलाकों में अत्यधिक जलभराव हो रहा है या जहां तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है, वहां तिल, बाजरा और मौसमी सब्जियों (जैसे तोरई, लौकी, गोभी, टमाटर) की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में जलनिकासी का उचित प्रबंध करें और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए बारिश के दौरान खेतों में काम करने से पूरी तरह बचें।

आपदा प्रबंधन और प्रशासन की तैयारी

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राहत आयुक्त कार्यालय और संबंधित जिला प्रशासनों ने सभी जनपदों के अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड पर रखा है। नगर निगमों को पंप सेट लगाकर तुरंत जलभराव वाले चौराहों और कॉलोनियों से पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया है कि बारिश और तेज हवाओं के चलते टूटे तारों और गिरे खंभों को तुरंत ठीक किया जाए ताकि करंट फैलने जैसी जनहानि से बचा जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी बारिश के बाद फैलने वाले मौसमी रोगों, जैसे डेंगू, मलेरिया, डायरिया और वायरल फीवर के मामलों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी दवाइयों का स्टॉक बनाए रखने को कहा है।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वज्रपात से बचाव के लिए आम नागरिकों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की है। खराब मौसम के दौरान कभी भी ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या टिन शेड के नीचे शरण न लें। यदि आप खुले मैदान में हैं और कहीं छिपने की जगह नहीं है, तो जमीन पर सीधे लेटने के बजाय पैरों के पंजों के बल बैठकर सिर को घुटनों के बीच छुपा लें। बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बाहर न करें और बिजली के घरेलू उपकरणों के प्लग निकाल दें। ग्रामीण इलाकों में तालाबों, नदियों और गीले खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत पक्के मकानों में चले जाएं।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह मौसमी बदलाव फिलहाल रुकने वाला नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक और निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से आने वाले चार-पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर रुक-रुक कर चलता रहेगा। इससे न सिर्फ तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी बल्कि उमस भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने गंतव्य पर निकलने से पहले मौसम विभाग के तात्कालिक रडार अपडेट (Nowcast) और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर नजर जरूर रखें।