कूलर-AC का सीजन खत्म: स्वेटर-जैकेट वाले दिन करीब, सर्दी की दस्तक के बीच मौसम विभाग ने 23 राज्यों में जारी किया बड़ा अलर्ट

कूलर-AC का सीजन खत्म: स्वेटर-जैकेट वाले दिन करीब, सर्दी की दस्तक के बीच मौसम विभाग ने 23 राज्यों में जारी किया बड़ा अलर्ट

गर्मियों के लंबे और तीखे तेवर के बाद अब देश भर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। घरों में दिन-रात चलने वाले कूलर और एयर कंडीशनर (AC) की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है और कुछ ही दिनों में इन्हें पूरी तरह पैक करने का वक्त आ गया है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में देर रात और तड़के सुबह हल्की गुलाबी ठंडक का अहसास शुरू हो चुका है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अलमारी से हल्के स्वेटर, शॉल और जैकेट निकालने वाले दिन अब बेहद करीब हैं। हालांकि, इस बदलती ऋतु के संधिकाल के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 23 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का बड़ा अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

कूलर-एसी पर लगा ब्रेक, उत्तर भारत में गुलाबी ठंड का आगाज

सितंबर के दूसरे पखवाड़े में कदम रखते ही वायुमंडलीय दिशा में बदलाव साफ नजर आने लगा है। उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के असर से रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के ग्रामीण व खुले इलाकों में लोगों ने रात के समय पंखों की स्पीड कम कर दी है और पतली चादरों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव मॉनसून के वापसी चरण (Monsoon Withdrawal Phase) का स्वाभाविक लक्षण है, जो आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे एक स्थिर ठंड में तब्दील हो जाएगा।

मॉनसून की विदाई से पहले 23 राज्यों में क्यों जारी हुआ वेदर अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जहां एक तरफ उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून विदा होने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत में कई मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण नम हवाएं तेजी से मैदानी व तटीय इलाकों में टकरा रही हैं। इसी टकराव की वजह से देश के 23 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंके वाली हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

किन-किन 23 राज्यों में है भारी बारिश और बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के दायरे में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्य शामिल हैं। प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्यों में:

  • उत्तर और मध्य भारत: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु।

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर शुरू होने से मैदानी इलाकों की तरफ आने वाली ठंडी हवाओं में इजाफा होगा, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: मौसम बदलते ही बढ़ सकता है मौसमी बीमारियों का खतरा

गर्मी से सर्दी में बदलते इस मौसम को स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे संवेदनशील माना जाता है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के चलते तापमान में आने वाला उतार-चढ़ाव वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, गले में खराश और फ्लू के वायरस को पनपने का मौका देता है। चिकित्सकों का कहना है कि:

  • रात को सोते समय एसी का अत्यधिक कम तापमान (जैसे 18-20 डिग्री) रखने से बचें; पंखे को धीमी गति पर चलाएं।

  • फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पीने से परहेज करें और गुनगुने पानी का सेवन शुरू करें।

  • सुबह की सैर (Morning Walk) पर निकलने वाले बुजुर्ग और सांस के मरीज सीने और गले को हल्के कपड़े या स्टोल से ढककर रखें।

  • बारिश वाले इलाकों में मच्छरों के पनपने से डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और घर के आसपास पानी न जमा होने दें।

किसानों के लिए सावधानी: खरीफ फसलों की कटाई में रखें ध्यान

मॉनसून की विदाई के दौरान होने वाली यह बारिश किसानों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आई है। जो किसान धान की अगेती किस्मों की कटाई की तैयारी कर रहे हैं या जिनकी कटी हुई फसलें खलिहानों में हैं, उन्हें अलर्ट वाले 23 राज्यों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को ऊंचे और तिरपाल से ढके सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा खेतों में जलभराव की स्थिति न बनने दें, ताकि पकी हुई बालियों को सड़ने से बचाया जा सके।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा ठंड का रुख

मौसम विज्ञान केंद्र के जानकारों के मुताबिक, सितंबर के अंतिम सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों से मॉनसून पूरी तरह रुखसत हो जाएगा। इसके बाद आसमान पूरी तरह साफ होगा और उत्तर की ओर से आने वाली ठंडी हवाएं गति पकड़ेंगी। अक्टूबर के पहले पखवाड़े से ही रात का पारा 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ जाएगा, जिसके साथ ही औपचारिक रूप से ठंड का मौसम अपने पूरे रंग में नजर आने लगेगा।