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यूपी में आसमान से बरस रही आग: लखनऊ समेत 25 जिलों में 'लू' का यलो अलर्ट, जानें आपके शहर में कब दस्तक देगा मॉनसून

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सितम लगातार जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में लोग उमस और लू (Heat Wave) से बेहाल हैं। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल अगले एक हफ्ते तक गर्म हवाओं का यह दौर यूं ही बना रहेगा और तपिश से तुरंत राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों के भीतर तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी के तेवर और कड़े हो जाएंगे। हालांकि, कुछ चुनिंदा इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।

राजधानी लखनऊ समेत 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, शनिवार से राजधानी लखनऊ और इसके आस-पास के इलाकों में लू का असर काफी तेजी से बढ़ेगा। शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग ने बिगड़ते हालात को देखते हुए लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में लू चलने का 'यलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी कर दिया है और लोगों को दोपहर के समय बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

बांदा रहा यूपी का सबसे गर्म शहर, रातें भी हुईं तपती भट्टी

पिछले 24 घंटों के दौरान बुंदेलखंड का बांदा जिला 43.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी यूपी के जिलों में दिन का पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है।

राहत की बात बस इतनी है कि आगामी दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की मामूली गिरावट देखी जा सकती है। लेकिन, दिन के साथ-साथ अब रातें भी सताने लगी हैं। रात का तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री तक बढ़ गया है, जिसकी वजह से रात के समय भी भयंकर उमस और बेचैनी बनी हुई है और लोगों को ठंडी हवा नसीब नहीं हो रही है।

धीमी हुई रफ्तार, पर इस तारीख तक आ सकता है मॉनसून

भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राहत की बारिश यानी मॉनसून कब आएगा? मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यूपी में मॉनसून का इंतजार 23 जून तक खत्म हो सकता है।

दरअसल, हाल के दिनों में मॉनसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है क्योंकि अरब सागर से आने वाली नमी का प्रवाह कमजोर हो गया है। इस वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार शुष्क और गर्म हवाएं (पछुआ) चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इन शुष्क हवाओं के असर को कम करेगा, जिससे पूरे उत्तर भारत के वायुमंडल में नमी बढ़ेगी और मौसम का मिजाज बदलेगा।

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