post-slider

पैराग्वे ने तुर्की को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से किया बाहर, रियल मैड्रिड स्टार अर्दा गुलेर का सपना टूटा

फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए ग्रुप डी के एक बेहद रोमांचक और करो या मरो के मुकाबले में पैराग्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए तुर्की को 1-0 से शिकस्त दे दी है। इस करारी हार के साथ ही टूर्नामेंट की 'डार्क हॉर्स' (अप्रत्याशित दावेदार) मानी जा रही तुर्की की टीम आधिकारिक तौर पर विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गई है। तुर्की के इस शर्मनाक प्रदर्शन और इतनी जल्दी बाहर होने से दुनिया भर के फुटबॉल फैंस को गहरा सदमा लगा है।

दूसरे ही मिनट में हुआ मैच का एकमात्र गोल, शुरुआती झटके से नहीं उबर पाया तुर्की

मैच की शुरुआत से ही पैराग्वे की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के दूसरे ही मिनट में पैराग्वे के स्टार खिलाड़ी मटियास गलार्ज़ा (Matias Galarza) ने तुर्की के डिफेंस को भेदते हुए एक शानदार मैदानी गोल दाग दिया। इस शुरुआती बढ़त ने पैराग्वे को मैच में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मैच 2-0 से हारने के बाद तुर्की को इस मैच में वापसी की पूरी उम्मीद थी, लेकिन मैच के आखिरी मिनट तक कड़े संघर्ष के बाद भी टीम बराबरी का गोल नहीं दाग सकी और पैराग्वे ने रक्षात्मक खेल दिखाते हुए मुकाबला 1-0 से अपने नाम कर लिया।

ग्रुप डी का ताजा समीकरण: शून्य अंकों के साथ सबसे नीचे फिसला तुर्की

इस जीत के साथ ही पैराग्वे ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर 3 अंक हासिल कर लिए हैं और खुद को नॉकआउट की रेस में बनाए रखा है। अगर ग्रुप डी की अंक तालिका (Points Table) पर नजर डालें तो मेजबान अमेरिका 6 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 3 अंकों के साथ दूसरे और पैराग्वे 3 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। लगातार दो मैच हारने के बाद तुर्की शून्य अंकों के साथ सबसे निचले पायदान पर है, जिसके चलते उसका अगले दौर में पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।

रियल मैड्रिड के वंडरकिड अर्दा गुलेर रहे फ्लॉप, कोच की तारीफ भी नहीं आई काम

इस पूरे टूर्नामेंट में फैंस और फुटबॉल पंडितों की निगाहें तुर्की के युवा सनसनी और स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी अर्दा गुलेर (Arda Guler) पर टिकी थीं। उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। मैच से पहले तुर्की के मुख्य कोच विन्सेन्ज़ो मोंटेला ने गुलेर की तारीफ करते हुए कहा था, "उसमें कमाल की प्रतिभा और खेल की गहरी समझ है। वह जानता है कि खेल को कब धीमा करना है और कब तेज। उसका चेहरा मासूम है, लेकिन वह मैदान पर बहुत चालाक है।" मगर पैराग्वे के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच में गुलेर का जादू नहीं चल पाया और वे टीम को ऐतिहासिक हार से बचा नहीं सके।

अब अपराजित अमेरिका से होगी तुर्की की प्रतिष्ठा की जंग

विश्व कप से बाहर होने के बाद अब तुर्की के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। टीम को ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी औपचारिक मैच 26 जून को इंग्लेवुड के लॉस एंजिल्स स्टेडियम में मजबूत मेजबान टीम अमेरिका के खिलाफ खेलना है। अमेरिका इस समय शानदार फॉर्म में है और उसने अपने शुरुआती दोनों मैचों में पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी है। तुर्की के मौजूदा खराब फॉर्म को देखते हुए अपराजित अमेरिका के खिलाफ अपनी साख बचाना उसके लिए एक बेहद कठिन चुनौती होने वाला है।

Tags:

Latest Posts