लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में सीएम योगी का बड़ा एक्शन: बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला सहित 3 गिरफ्तार, 4 अफसर सस्पेंड; 7 दिन में SIT सौंपेगी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Coaching Fire) ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार देर रात एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में सीएम योगी ने इस लापरवाही पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर लखनऊ अग्निकांड की गहराई से जांच के लिए दो सदस्यीय 'विशेष जांच दल' (SIT) का गठन किया गया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
इसके साथ ही, हादसे के मुख्य जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत तीनों नामजद आरोपियों को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रशासनिक मोर्चे पर बड़ी गाज गिराते हुए चार जिम्मेदार अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
दो सदस्यीय SIT में कौन-कौन शामिल? 7 दिन की मिली डेडलाइन
अलीगंज अग्निकांड की तह तक जाने और इसके पीछे की तकनीकी व प्रशासनिक कमियों को उजागर करने के लिए गठित दो सदस्यीय एसआईटी (SIT) में उत्तर प्रदेश के दो बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:
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अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव, पर्यटन धर्मार्थ और संस्कृति विभाग)
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प्रवीण कुमार (अपर पुलिस महानिदेशक - ADG, लखनऊ जोन)
मुख्यमंत्री ने इस विशेष जांच दल को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे घटना के हर पहलू, जैसे— फायर एनओसी, बिल्डिंग का अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच कर 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि लापरवाही बरतने वाले अन्य लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
अवैध निर्माण और ऑटोमैटिक गेट बना बच्चों का 'काल', तीनों आरोपी गिरफ्तार
हादसे के बाद लखनऊ के अलीगंज थाने में पीड़ित पक्ष और प्रशासन की ओर से एफआईआर (तहरीर) दर्ज कराई गई है, जिसमें धीरेंद्र शुक्ला और वीरेंद्र शुक्ला सहित तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात ही तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
शुरुआती जांच में जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, वे बिल्डरों की घोर लापरवाही को बयां करते हैं:
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नक्शे के विपरीत निर्माण: जिस बहुमंजिला इमारत में कोचिंग सेंटर चल रहा था, उसका निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से पास नक्शे के पूरी तरह उलट (अवैध रूप से) किया गया था।
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इमरजेंसी एग्जिट गायब: पूरी बिल्डिंग में आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Exit Gate) की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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ऑटोमैटिक गेट लॉक: आग लगते ही बिजली गुल होने या तकनीकी खराबी के कारण बिल्डिंग का मुख्य इलेक्ट्रॉनिक गेट ऑटोमैटिक लॉक (बंद) हो गया। इसके चलते अंदर पढ़ रहे मासूम बच्चों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला और वे भीतर ही फंस गए।
चार अफसरों पर गिरी गाज, तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
अग्निकांड के बाद सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कड़ा प्रहार करते हुए सीएम योगी के निर्देश पर चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित किए गए अफसरों की सूची इस प्रकार है:
| अधिकारी का नाम | पद और विभाग |
| गौरव कुमार | एक्सियन कलेक्शन (XEN), जानकीपुरम |
| कमलेन्द्र कुमार सिंह | फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर (FSSO), इंदिरा नगर |
| अनिल कुमार | असिस्टेंट इंजीनियर (AE) |
| प्रमोद पांडे | जूनियर इंजीनियर (JE) |
आरोपियों की बिल्डिंग पर चल सकता है बुलडोजर; घायलों का इलाज जारी
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय बेहद कड़ा रुख अपनाए हुए है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो नक्शे के विपरीत बनी इस पूरी अवैध कमर्शियल बिल्डिंग को ढहाने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई भी की जा सकती है।
दूसरी ओर, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की वाइस चांसलर (VC) प्रोफेसर सानिया नित्यानंद ने बताया कि मलबे और धुएं से बचाकर लाए गए घायल बच्चों को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी है और घायलों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय सांसद और देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली से सीधे लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। रक्षामंत्री ने अस्पताल जाकर घायल बच्चों का हालचाल जाना और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। राजनाथ सिंह ने मीडिया से बात करते हुए आश्वस्त किया कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है और बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।