नवरात्रि से पहले मिलावटखोरी पर बड़ा वार! UP में 20,924 KG मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त, 4,273 KG दूषित सामग्री नष्ट

नवरात्रि से पहले मिलावटखोरी पर बड़ा वार! UP में 20,924 KG मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त, 4,273 KG दूषित सामग्री नष्ट

शारदीय नवरात्रि और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। उपवास और त्योहारों के दौरान फलाहारी सामग्रियों, दुग्ध उत्पादों और मिठाइयों में होने वाली मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान में विभाग ने रिकॉर्ड कार्रवाई की है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान 20,924 किलोग्राम संदिग्ध व मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है, जबकि मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक पाए गए 4,273 किलोग्राम सड़े-गले व दूषित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया है।

लखनऊ, कानपुर और पश्चिमी यूपी में ताबड़तोड़ छापेमारी

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित सचल दस्तों (Flying Squads) ने थोक मंडियों, कोल्ड स्टोरेज, आटा मिलों और डेयरी इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया:

  • कुट्टू और सिंघाड़े के आटे पर पैनी नजर: नवरात्रि व्रत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कुट्टू, सिंघाड़े के आटे और साबूदाने के गोदामों की सघन जांच की गई। पुराने, फफूंद लगे और कीड़ेयुक्त कुट्टू के स्टॉक को जब्त कर तुरंत निस्तारित किया गया ताकि 'फूड पॉइजनिंग' की घटनाओं को रोका जा सके।

  • सिंथेटिक खोया, पनीर और देसी घी: कानपुर, मेरठ, आगरा और लखनऊ के आसपास संचालित अवैध डेयरी इकाइयों से भारी मात्रा में डिटर्जेंट और पाम ऑयल मिश्रित नकली दूध, पनीर और मावा पकड़ा गया।

  • मसाले और खाद्य तेल: मिलावटी सरसों का तेल और अखाद्य रंगों से रंगी लाल मिर्च व हल्दी के नमूने सील किए गए।

कानूनी शिकंजा: सैकड़ों नमूने लैब भेजे गए, दर्ज होंगी FIR

विभाग ने केवल जब्ती और नष्टीकरण तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि सख्त कानूनी कदम भी उठाए हैं:

  1. लैब टेस्टिंग: जब्त की गई सामग्रियों में से 850 से अधिक संदिग्ध नमूने राज्य स्तरीय खाद्य प्रयोगशालाओं (State Food Laboratories) को त्वरित परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

  2. लाइसेंस निलंबन व सीलिंग: गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 40 से अधिक निर्माण इकाइयों और दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं और कई प्रतिष्ठानों को सील किया गया है।

  3. दंडात्मक कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act, 2006) के तहत मिलावटखोरों पर भारी अर्थदंड और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले गंभीर मामलों में गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा एडवाइजरी: फलाहार खरीदते समय बरतें सावधानी

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि त्योहारों की खरीदारी के दौरान सतर्क रहें:

  • खुला आटा खरीदने से बचें: कुट्टू या सिंघाड़े का आटा खुला खरीदने के बजाय केवल एफएसएसएआई (FSSAI) पंजीकृत ब्रांड्स का ही पैक्ड आटा खरीदें और उसकी एक्सपायरी तिथि जरूर जांचें।

  • गंध और रंग की पहचान: यदि कुट्टू का आटा भूरे रंग के बजाय अत्यधिक काला दिख रहा हो या उसमें कड़वाहट व सीलन की दुर्गंध आ रही हो, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।

  • संदेह होने पर शिकायत दर्ज कराएं: किसी भी दुकान पर मिलावटी खाद्य सामग्री बिकने का संदेह होने पर उपभोक्ता सीधे जिला खाद्य सुरक्षा कार्यालय या राज्य के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।