US-Israel vs Iran War: "मिडिल ईस्ट में हम बुराइयों के खात्मे की छोटी सैर पर हैं", ट्रंप का बड़ा दावा- जल्द थमेगी जंग
वॉशिंगटन/तेहरान, ब्यूरो।दुनिया को विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा करने वाला ईरान-इजरायल संघर्ष अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (9 मार्च 2026) को एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ छेड़ा गया सैन्य अभियान लगभग पूरा हो चुका है। ट्रंप ने इसे 'एक छोटी सैर' (Short-term walk) करार देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल ने अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (विश्व तेल आपूर्ति का मुख्य द्वार) को ब्लॉक करने की हिमाकत की, तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
"ईरान के पास अब न सेना बची है, न संचार": ट्रंप का आक्रामक रुख
मियामी स्थित अपने गोल्फ क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल के साथ मिलकर चलाए गए मिलिट्री कैंपेन ने ईरान की कमर तोड़ दी है। ट्रंप के अनुसार:
सैन्य क्षमता शून्य: ईरान के पास अब न तो नौसेना बची है, न प्रभावी वायुसेना और न ही सुरक्षित संचार व्यवस्था।
मिसाइल नेटवर्क ध्वस्त: अमेरिका अपने मुख्य लक्ष्य 'ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल स्टॉक' को पूरी तरह खत्म करने के बेहद करीब है।
निर्धारित समय से आगे: ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन अपने शुरुआती अनुमानित टाइमफ्रेम से काफी आगे निकल चुका है और अब तेहरान के पास सैन्य दृष्टि से मुकाबला करने की शक्ति नहीं बची है।
मोजताबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर; ट्रंप बोले- "मेरे दिमाग में कोई और है"
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके 56 वर्षीय बेटे मोजताबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। मोजताबा को अपने पिता से भी अधिक कट्टर और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का करीबी माना जाता है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया: मोजताबा के चयन पर ट्रंप ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि उनके लिए मेरे पास कोई संदेश नहीं है, लेकिन "मेरे दिमाग में उनकी जगह (Supreme Leader) के लिए कोई और नाम है।"
इजरायल का निशाना: इजरायली सेना ने पहले ही संकेत दे दिया है कि मोजताबा खामेनेई उनके संभावित टारगेट (Potential Target) की सूची में शामिल हैं।
पुतिन और ट्रंप के बीच 'फोन कॉल' ने जगाई शांति की उम्मीद
युद्ध के वैश्विक असर को देखते हुए ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर लंबी बातचीत की। क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने खाड़ी देशों और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से चर्चा के बाद कुछ डिप्लोमैटिक 'आइडिया' ट्रंप के साथ साझा किए हैं। इस बातचीत के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि दुनिया को अब इस युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीद जगी है।
युद्ध की तबाही: तेल संकट से लेकर स्कूल-अस्पतालों पर बमबारी
भले ही ट्रंप इसे 'छोटी सैर' कह रहे हों, लेकिन जमीन पर तबाही का मंजर खौफनाक है:
तेल और गैस संकट: सप्लाई चेन टूटने से पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका सबसे बुरा असर पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह: इजरायल ने तेहरान और इस्फहान में भारी बमबारी की है। हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ड्रोन हेडक्वार्टर, तेल ठिकाने, सरकारी इमारतें और यहाँ तक कि एक स्कूल को भी नुकसान पहुँचा है।
न्यूक्लियर साइट्स: जून में हुए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान की मुख्य न्यूक्लियर साइट्स को काफी नुकसान पहुँचाया था, लेकिन ईरान के पास अभी भी भारी मात्रा में एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है।