US-Iran War: ईरान ने ठुकराया अमेरिका का 48 घंटे का सीज़फायर प्रस्ताव, आसमान में भिड़ंत; अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ढेर
तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम (Ceasefire) के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है। 'अल जजीरा' ने ईरान की अर्ध-सरकारी 'फार्स न्यूज एजेंसी' के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है। इस इनकार के तुरंत बाद युद्ध के मैदान में तनाव चरम पर पहुंच गया है और एक अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमान के ईरान में गिरने की खबर ने आग में घी डालने का काम किया है।
ईरान के ऊपर गिरा अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान
सीज़फायर के प्रस्ताव के ठुकराए जाने के बीच, अमेरिकी वायुसेना का एक शक्तिशाली F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरानी क्षेत्र में क्रैश हो गया।
पायलटों की स्थिति: इस विमान में दो क्रू मेंबर्स (एक पायलट और एक हथियार प्रणाली अधिकारी) सवार थे। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया है और वह अमेरिकी हिरासत में इलाज करा रहा है, जबकि दूसरा सदस्य अब भी लापता है।
कहां हुई घटना? मलबे की तस्वीरें तेहरान से लगभग 470 किलोमीटर दक्षिण में स्थित खुज़ेस्तान प्रांत की 'करुण नदी' के पुल के पास से मिली हैं।
क्या पहली बार हुआ सीधा हमला?
मौजूदा संघर्ष में यह पहली बार है जब ईरान ने किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को सीधे निशाना बनाकर गिराने का दावा किया है। ईरानी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में विमान की 'Tail Fin' साफ दिखाई दे रही है, जो यूनाइटेड किंगडम के 'RAF Lakenheath' में तैनात 494th Fighter Squadron से संबंधित बताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर
घटना के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने अपने लापता पायलट की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।
बचाव दल: इस मिशन में UH-60 Black Hawk हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई इकाइयां शामिल हैं।
ईरानी मीडिया का दावा: IRIB और अन्य ईरानी चैनलों ने कम ऊंचाई पर उड़ते हुए उन हेलीकॉप्टरों की फुटेज जारी की है, जो संभवतः लापता पायलट की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक दूसरे पायलट का कोई सुराग नहीं मिला है।
कूटनीति के दरवाजे हुए बंद?
अमेरिका ने यह सीज़फायर प्रस्ताव एक अज्ञात मध्यस्थ देश के जरिए भेजा था। ईरान के इस सख्त इनकार ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है। इस कूटनीतिक विफलता के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव के और तेज होने की पूरी आशंका है।
अब क्या होगा आगे?
संघर्ष में तेजी: लापता पायलट की खोज के दौरान यदि अमेरिकी रेस्क्यू विमानों पर फिर से हमला होता है, तो यह पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की शुरुआत हो सकती है।
खुफिया नजर: अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और मोसाद जैसे संगठन इस वक्त घटनास्थल पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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