US Foreign Policy : गाजा में शांति का सूरज उगा ,ट्रंप की एंट्री से पलटी बाजी, इजरायल-हमास के बीच ऐतिहासिक डील फाइनल

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News India Live, Digital Desk: US Foreign Policy : दो सालों से जारी हिंसा और अनिश्चितता के बाद, गाजा पट्टी में शांति की एक नई उम्मीद जगी है. इजरायल और हमास के बीच एक ‘ऐतिहासिक’ और ‘अभूतपूर्व’ युद्धविराम समझौता हो गया है, जिसका पहला चरण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर तय हुआ है. उन्होंने इसे "अरब और मुस्लिम दुनिया, इजरायल, सभी पड़ोसी देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक शानदार दिन" बताया है इस समझौते के बाद, बंधकों की वापसी का रास्ता भी साफ हो गया है.

कैसे पहुंचा ये समझौता अंजाम तक?

काहिरा (मिस्र) से आई खबर के अनुसार, ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर इस डील का ऐलान करते हुए इसकी अहमियत बताई. उन्होंने कतर, मिस्र और तुर्की जैसे मध्यस्थों की तारीफ की, जिन्होंने इस ‘ऐतिहासिक और अभूतपूर्व’ घटना को मुमकिन बनाया दिलचस्प बात ये है कि कई लोग इस सफलता का श्रेय ट्रंप की कूटनीति को दे रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की कोशिशें पहले नाकाम रही थीं  ट्रंप ने इजरायल पर दबाव बनाकर और मिस्र व कतर के साथ सीधी बातचीत करके हमास को भी प्रभावित किया, जिसके बाद यह समझौता संभव हो पाया

समझौते में क्या-क्या है?

इस पहले चरण के समझौते में कई अहम बातें शामिल हैं:

  • बंधकों की वापसी: इजरायली सेना ने साफ किया है कि वे बंधकों को वापस लाने के ऑपरेशन के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं, जिसे बेहद संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म के साथ अंजाम दिया जाएगा
  • हमास ने भरी हामी: हमास ने टेलीग्राम के जरिए पुष्टि की है कि उन्होंने इजरायल को फिलिस्तीनी कैदियों की सूची सौंप दी है और सार्वजनिक घोषणा से पहले नामों की अंतिम मंजूरी का इंतजार है
  • इजरायल का रुख: इजरायली सेना ने भी युद्धविराम का स्वागत किया है हालांकि, कुछ सूत्रों के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस डील को इजरायल के सैन्य दबाव का नतीजा बता रहे हैं, जबकि हकीकत में ज्यादातर कैदी कूटनीतिक कोशिशों से ही आजाद हुए हैं. नेतन्याहू को अब न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय, बल्कि अपने ही देश में कैदियों के परिवारों की तरफ से भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जो लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं

दुनियाभर से मिल रही प्रतिक्रियाएं

  • ट्रंप की वाहवाही: सोशल मीडिया पर ट्रंप को इस कामयाबी के लिए काफी सराहना मिल रही है. माना जा रहा है कि उन्होंने वो कर दिखाया जो बाइडेन नहीं कर पाए
  • संयुक्त राष्ट्र का समर्थन: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे "दो-राष्ट्र समाधान" और फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजरायल के कब्जे को खत्म करने के लिए एक "महत्वपूर्ण अवसर" बताया है उन्होंने अमेरिका, कतर, मिस्र और तुर्की के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र गाजा में मानवीय सहायता, रिकवरी और पुनर्निर्माण के प्रयासों को बढ़ाएगा.
  • इजरायल के प्रधानमंत्री की बधाई: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समझौते को "इजरायल के लिए एक महान दिन" कहा है और ट्रंप को बधाई दी है. उन्होंने ट्रंप को इजरायल की संसद (कनेसेट) को संबोधित करने के लिए भी आमंत्रित किया

हालांकि, समझौते की घोषणा के बावजूद, गाजा शहर में इजरायली युद्धविमानों द्वारा हमले किए जाने की भी खबर है, जिससे स्थिति पर और अपडेट आने की उम्मीद हैइस शांति प्रक्रिया में अभी भी काफी काम बाकी है और कई detalles स्पष्ट होने बाकी हैं