US Colonel Claim : क्या ईरान पर हमले के लिए हुआ 'भारतीय सैन्य बेस' का इस्तेमाल? अमेरिकी कर्नल के दावे पर भारत ने दिया दोटूक जवाब

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News India Live, Digital Desk: पिछले कुछ घंटों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर एक अमेरिकी पूर्व कर्नल का बयान तेजी से वायरल हो रहा था। इस बयान में दावा किया गया कि ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य ऑपरेशनों में भारत ने अपने एयरबेस का उपयोग करने की अनुमति दी है। इस दावे ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि भारत के भीतर भी सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर बहस छेड़ दी।

1. अमेरिकी कर्नल का वह सनसनीखेज दावा (The Controversial Claim)

एक अमेरिकी रक्षा विश्लेषक और पूर्व कर्नल ने एक टीवी इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा के पास रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए 'भारतीय सैन्य ठिकानों' का उपयोग किया है। उन्होंने तर्क दिया कि भौगोलिक रूप से यह मार्ग अधिक सुरक्षित और प्रभावी था।

2. भारतीय विदेश मंत्रालय का आधिकारिक खंडन (MEA's Counter Strike)

जैसे ही यह खबर फैली, भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत इस पर स्पष्टीकरण जारी किया:

दावा पूरी तरह निराधार: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह खबर पूरी तरह से "झूठी, मनगढ़ंत और शरारतपूर्ण" है।

स्वतंत्र विदेश नीति: भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपनी जमीन का उपयोग करने की अनुमति नहीं देता है।

गुमराह करने की कोशिश: मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के दावे भारत के ईरान और अन्य खाड़ी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को खराब करने की एक कोशिश मात्र हैं।

3. भारत की 'गुटनिरपेक्ष' और शांतिपूर्ण नीति

भारत ने हमेशा से ही 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' (रणनीतिक स्वायत्तता) का पालन किया है:

ईरान के साथ संबंध: भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध (जैसे चाबहार पोर्ट) बहुत महत्वपूर्ण हैं।

क्षेत्रीय शांति: भारत ने लगातार दोनों पक्षों (ईरान-इजरायल) से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

4. विशेषज्ञों की राय: क्यों फैलाया गया यह भ्रम?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक प्रकार का 'इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर' हो सकता है। भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति और अमेरिका के साथ मजबूत होते रक्षा संबंधों के बीच, विपक्षी खेमा या कुछ अंतरराष्ट्रीय तत्व भारत की छवि को एक पक्षपाती देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

5. सोशल मीडिया पर 'फेक न्यूज़' का अलर्ट

भारत सरकार ने नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे ऐसे अपुष्ट दावों पर विश्वास न करें। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि भारत अपनी संप्रभुता और शांति के सिद्धांतों पर अडिग है और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता चाहता है।