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March 12 2026 06:23 pm

UP का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट! दिल्ली-लखनऊ अब और पास, 30 हजार करोड़ से बनेगा नया एक्सप्रेसवे

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और विशालकाय कदम उठाया है। अब गाजियाबाद से लेकर कानपुर तक एक बिल्कुल नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो आगे चलकर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ के बीच एक सीधा, हाई-स्पीड कॉरिडोर तैयार हो जाएगा, जिससे घंटों का सफर मिनटों में तय होगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और फरवरी 2026 से इसका निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। चलिए जानते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट के बारे में सब कुछ।

यात्रा का समय हो जाएगा आधा!

जो लोग अभी दिल्ली-एनसीआर से कानपुर या लखनऊ जाते हैं, उन्हें ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी का सामना करना पड़ता है। यह नया एक्सप्रेसवे इन सभी समस्याओं का समाधान करेगा।

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह के अनुसार, "यह एक्सप्रेसवे राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। गाजियाबाद से कानपुर तक का यात्रा समय यह सीधा आधा कर देगा।" इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और माल ढुलाई में भी क्रांति आ जाएगी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।

कैसा होगा यह नया एक्सप्रेसवे?

यूपीडा (UPEIDA) की देखरेख में बन रहे इस एक्सप्रेसवे की कई खासियतें हैं:

  • लंबाई: इसकी कुल लंबाई लगभग 300 से 400 किलोमीटर के बीच होने का अनुमान है।
  • लेन: शुरुआत में इसे छह-लेन का बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में जरूरत के हिसाब से और चौड़ा किया जा सकेगा।
  • रूट: यह गाजियाबाद से शुरू होकर कानपुर में मौजूदा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
  • स्पीड: इसे यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां गाड़ियों की गति सीमा 120 किमी/घंटा तक हो सकती है।

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से लखनऊ के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के अलावा एक और बेहतरीन বিকল্প मार्ग प्रदान करेगा।

फरवरी 2026 से शुरू होगा निर्माण

यूपीडा ने इस प्रोजेक्ट के लिए कमर कस ली है। फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले, भूमि अधिग्रहण, डिजाइनिंग और पर्यावरण मंजूरी जैसी सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रोजेक्ट की 30 हजार करोड़ रुपये की लागत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी।

इन जिलों की चमकेगी किस्मत

यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि अपने मार्ग में आने वाले कई जिलों को विकास की सौगात भी देगा। इससे गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, इटावा और कानपुर जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के हज़ारों नए अवसर पैदा होंगे। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन किसानों की ज़मीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेगा, जो प्रदेश की प्रगति को एक नई उड़ान देगा।