OMR धांधली पर बवाल गहलोत ने लगाए बड़े आरोप, राजस्थान सरकार कराएगी पूरे मामले की जांच
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और OMR शीट (उत्तर कुंजी) को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण पेपर लीक या धांधली के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने खुलकर धांधली का आरोप लगाया था। अब मौजूदा राजस्थान सरकार (जो भी सत्ता में है, जैसे बीजेपी या नई सरकार) ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए, इसकी पूरी तरह से जांच (Full Investigation) कराने का फैसला लिया है।
यह निर्णय दिखाता है कि मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी का नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, जिस पर तुरंत कार्रवाई करना जरूरी हो गया था।
क्या हैं अशोक गहलोत के आरोप?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भर्ती परीक्षा की OMR शीट्स को लेकर बड़े और गंभीर आरोप लगाए थे।
- अपारदर्शिता: उनका आरोप था कि पिछली भर्तियों में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती गई और इसका सीधा नुकसान उन ईमानदार और मेहनती छात्रों को हुआ है जिन्होंने परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की थी।
- जांच की मांग: उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात पर जोर दिया था कि युवाओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए, इन सभी OMR शीट्स और परीक्षा परिणामों की पूरी और उच्च-स्तरीय जाँच होनी चाहिए।
सरकार ने क्या फैसला लिया?
गहलोत के आरोपों और छात्र संगठनों के लगातार दबाव के बाद, सरकार (BJP/नई सरकार) ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी OMR शीट धांधली के आरोपों की पूरी तरह से जांच कराने का फैसला किया है।
इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि क्या OMR शीट को स्कैनिंग, जाँचने या रिजल्ट बनाने के चरण में किसी तरह से बदला गया है या हेरफेर किया गया है। अगर जांच में कोई बड़ी धांधली पाई जाती है, तो इसका असर कई भर्ती परीक्षाओं के अंतिम परिणामों पर पड़ सकता है।
यह कदम राजस्थान सरकार की ओर से पारदर्शिता लाने और युवाओं में विश्वास बहाल करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। अब लाखों छात्रों की निगाहें इस जांच के परिणामों पर टिकी हैं।