BREAKING:
April 14 2026 01:42 pm

UP Floods : पूर्वी उत्तर प्रदेश में 136 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा, कई जिलों में बाढ़ का खतरा

Post

News India Live, Digital Desk: UP Floods : उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने 136 साल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऐसी भीषण और लंबी अवधि की बारिश हुई है जो पिछले सवा सदी से भी ज्यादा समय में नहीं देखी गई. इस अप्रत्याशित बारिश ने कई जिलों में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और अब प्रशासन ने कई इलाकों में बाढ़ की चेतावनी (Flood Warning) जारी कर दी है.

कहां-कहां बढ़ा खतरा?

विशेषकर गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, महाराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और गोंडा जैसे जिलों में नदियां उफान पर हैं. राप्ती, घाघरा और अन्य सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका पैदा हो गई है. स्थानीय प्रशासन ने बचाव दल और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है.

क्या रहा रिकॉर्ड तोड़ बारिश का असर?

  • जनजीवन अस्त-व्यस्त: कई ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग कट गए हैं, बिजली आपूर्ति बाधित है और फसलें जलमग्न हो गई हैं.
  • जलभराव की समस्या: शहरी इलाकों में भी सड़कें और निचले मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है.
  • स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं: लगातार बारिश और जलभराव से जलजनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के बढ़ने की आशंका है.

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में भी भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है. ऐसे में स्थानीय लोगों को बेहद सावधान रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. यह ऐतिहासिक बारिश अब तक के सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ रही है, जिससे राज्य में मानसून की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.