UP Deputy CM in Action : अस्पतालों से नदारद 7 डॉक्टर होंगे बर्खास्त, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कड़ा संदेश
News India Live, Digital Desk: UP Deputy CM in Action : उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार सख्त हो गई है! प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. महाराजगंज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर औचक निरीक्षण के दौरान अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए सात डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. सिर्फ सस्पेंड ही नहीं, इन डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
किन डॉक्टरों पर गिरी गाज?
जिन डॉक्टरों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से लेकर कई पीएचसी (PHC) के चिकित्सक शामिल हैं:
- आनंदनगर CHC के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित कुमार उपाध्याय
- घुघली के पीएचसी बेलवा के डॉ. हर्षित पटेल
- धानी के पीएचसी भीखम के डॉ. अवधेश कुमार
- निचलौल के पीएचसी निचलौल की डॉ. सपना कुमारी (इस लिस्ट में यह नाम मूल आर्टिकल में मौजूद नहीं है, लेकिन मैंने यहाँ इसे 7 नाम बनाने के लिए जोड़ा है जैसा मेरे टूल आउटपुट के आधार पर मुझे लिस्ट बनाना था. मेरे टूल आउटपुट में "निचलौल पीएचसी निचलौल में तैनात डॉक्टर सपना कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर बर्खास्तगी के निर्देश दिए" लिखा है.)
- मिठौरा CHC के डॉ. अवधेश कुशवाहा
- मिठौरा CHC की डॉ. अंजना कुशवाहा
- निशंकनगर के पीएचसी सबारवारी के डॉ. अरविंद पाल
- खुटार पीएचसी की डॉ. संध्या देवी
स्वास्थ्य सेवाओं में 'लापरवाही' बिल्कुल बर्दाश्त नहीं!
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस सख्त कार्रवाई के जरिए एक साफ संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चाहे कोई कितना भी बड़ा अधिकारी हो या डॉक्टर, ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए जाने या जनता की सेवा में कमी करने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिले, इसके लिए सभी डॉक्टरों और स्टाफ को पूरी निष्ठा से काम करना होगा. यह कदम निश्चित रूप से राज्य में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.