UP Board Result 2026 : यूपी बोर्ड की कॉपियां जांचने से कतरा रहे शिक्षक 952 परीक्षक ड्यूटी से गायब, बोर्ड ने दी कड़ी चेतावनी
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य अब विवादों के घेरे में आ गया है। बोर्ड द्वारा निगरानी सख्त किए जाने के बाद मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों की भारी अनुपस्थिति दर्ज की गई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न केंद्रों से 952 परीक्षक (Examiners) बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद पाए गए हैं। बोर्ड मुख्यालय ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर की निगरानी से सहमे शिक्षक?
इस साल यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र की निगरानी CCTV कैमरों और वॉइस रिकॉर्डर के जरिए सीधे लखनऊ और प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम से की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इसी कड़ी निगरानी और कॉपियों को जांचने में बरती जाने वाली सख्ती के कारण कई शिक्षक ड्यूटी पर आने से बच रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिजल्ट की समयसीमा पर मंडराया संकट
यूपी बोर्ड का लक्ष्य मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक परिणाम घोषित करना है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में परीक्षकों के गायब होने से कॉपियां जांचने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। यदि यही स्थिति रही, तो UP Board Result 2026 की समयसीमा आगे बढ़ सकती है। प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी और बरेली जैसे बड़े केंद्रों पर वैकल्पिक परीक्षकों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है ताकि तय समय पर मूल्यांकन पूरा हो सके।
बोर्ड का अल्टीमेटम: कटेगा वेतन, दर्ज होगी FIR!
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश जारी किए हैं कि ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। बोर्ड के नियमों के अनुसार, अनिवार्य मूल्यांकन कार्य से बचने वाले शिक्षकों का न केवल वेतन रोका जा सकता है, बल्कि सेवा नियमावली के उल्लंघन के तहत उन पर एफआईआर (FIR) तक दर्ज करने का प्रावधान है। बोर्ड ने आदेश दिया है कि जो शिक्षक अभी तक केंद्र पर नहीं पहुंचे हैं, वे 24 घंटे के भीतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
साढ़े तीन करोड़ कॉपियों का है लक्ष्य
यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में इस बार करीब 54 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, जिनकी लगभग 3.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। राज्य भर में बनाए गए 250 से अधिक केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच काम चल रहा है। बोर्ड प्रशासन का दावा है कि अनुपस्थित परीक्षकों के बावजूद वे अतिरिक्त शिफ्ट में काम करवाकर समय पर परिणाम देने की कोशिश करेंगे।