UP Board Exam Leak : यूपी बोर्ड परीक्षा में हड़कंप 3 सॉल्वर और स्कूल के प्रिंसिपल गिरफ्तार, नकल माफियाओं पर पुलिस का बड़ा एक्शन
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है, लेकिन 'नकल माफिया' अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के एक परीक्षा केंद्र से सामने आया है, जहाँ एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल और 3 सॉल्वरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कैसे पकड़ा गया नकल का यह खेल? (Modus Operandi)
पुलिस और शिक्षा विभाग की सतर्कता के कारण इस योजना को समय रहते विफल कर दिया गया। जांच में सामने आए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
दूसरे के नाम पर परीक्षा: गिरफ्तार किए गए 3 सॉल्वर असली परीक्षार्थियों की जगह बैठकर पेपर हल कर रहे थे।
प्रिंसिपल की मिलीभगत: चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा केंद्र के प्रिंसिपल ने खुद इन सॉल्वरों को अंदर एंट्री दिलवाई थी और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर उन्हें अलग कमरे में बिठाया था।
तकनीकी निगरानी: सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और रैंडम चेकिंग के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद टीम ने छापा मारा।
दोषियों पर होगी 'कठोर' कार्रवाई
यूपी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि परीक्षा में नकल कराने या पर्चा लीक करने वालों पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
FIR और जेल: गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्कूल की मान्यता पर संकट: शिक्षा विभाग ने उस परीक्षा केंद्र की मान्यता रद्द करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गहन जांच: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस खेल में और कितने लोग शामिल हैं और क्या यह कोई संगठित गिरोह (Organized Gang) है।
छात्रों के लिए जरूरी सूचना
प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के 'शॉर्टकट' या नकल माफियाओं के झांसे में न आएं। बोर्ड परीक्षाओं की निगरानी अब सीधे लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से की जा रही है।