BHU-IIT Recruitment Scam : बीएचयू और आईआईटी भर्ती परीक्षा शक के घेरे में दिल्ली के एक अधिकारी पर लटकी तलवार

Post

News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्रतिष्ठित संस्थानों बीएचयू (BHU) और आईआईटी (IIT) में हाल ही में हुई नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। दिल्ली के एक उच्च पदस्थ अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है।

क्या है पूरा विवाद? (The Suspicion Factor)

यह मामला तब प्रकाश में आया जब भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ विसंगतियां (Anomalies) पाई गईं। जांच के केंद्र में दिल्ली का एक अधिकारी है, जिस पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

पर्दे के पीछे का खेल: शुरुआती जांच के अनुसार, अधिकारी पर आरोप है कि उसने खास उम्मीदवारों को लाभ पहुँचाने के लिए चयन मानदंडों और मेरिट लिस्ट में हस्तक्षेप किया।

नॉन-टीचिंग पद: ये भर्तियां मुख्य रूप से एडमिनिस्ट्रेटिव और तकनीकी पदों के लिए थीं, जिनमें हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया था।

संस्थानों की साख पर सवाल: BHU और IIT जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में इस तरह की गड़बड़ी ने शिक्षा जगत और छात्रों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।

जांच का दायरा और वर्तमान स्थिति (Current Status of Investigation)

शिकायत मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय और संबंधित विभागों ने मामले को गंभीरता से लिया है:

अधिकारी की पहचान: संदिग्ध अधिकारी की गतिविधियों और उसके संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है।

भर्ती प्रक्रिया पर रोक: फिलहाल इस भर्ती से जुड़े अगले चरणों या जॉइनिंग पर तलवार लटक गई है। जांच पूरी होने तक किसी भी अंतिम फैसले पर रोक लग सकती है।

गठित की गई कमेटी: संस्थानों द्वारा आंतरिक जांच समितियां बनाई गई हैं, जो आवेदन से लेकर इंटरव्यू तक के हर स्तर के डेटा का मिलान कर रही हैं।

उम्मीदवारों की बढ़ी चिंता

सालों तक कड़ी मेहनत करने वाले ईमानदार उम्मीदवारों के बीच इस खबर से मायूसी है। छात्रों की मांग है कि अगर धांधली साबित होती है, तो पूरी परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से भर्ती आयोजित की जानी चाहिए।