UP बोर्ड परीक्षा 2026, सरकारी स्कूलों को तगड़ा झटका! सेंटर लिस्ट से 314 स्कूल बाहर
News India Live, Digital Desk: यूपी बोर्ड (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का इंतज़ार कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है। बोर्ड ने 2026 की परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण करना शुरू कर दिया है, लेकिन इस बार जो रिपोर्ट सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। करीब 314 सरकारी स्कूलों को इस बार परीक्षा केंद्र बनाने की रेस से बाहर कर दिया गया है।
क्या है सरकारी स्कूलों के बाहर होने की वजह?
आमतौर पर बोर्ड का जोर सरकारी स्कूलों पर रहता है ताकि परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे। लेकिन बताया जा रहा है कि जिन 300 से ज्यादा स्कूलों को ड्रॉप किया गया है, उनके पीछे कई तकनीकी और ढांचागत (Infrastructure) कमियाँ हो सकती हैं। कहीं सीसीटीव (CCTV) की समस्या, तो कहीं कमरों की कमी या पिछली परीक्षाओं के खराब रिकॉर्ड ने इन सरकारी स्कूलों का पत्ता काट दिया है।
प्राइवेट स्कूलों ने मारी बाजी
इस फैसले के बाद अब निजी यानी प्राइवेट स्कूलों (Private Schools) की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। सेंटर लिस्ट में इस बार प्राइवेट स्कूलों की संख्या ज्यादा नज़र आ रही है। शिक्षा जगत में यह चर्चा का विषय है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संस्थानों को परीक्षा केंद्र की लिस्ट से हटाना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड अब केंद्रों के मामले में "क्वालिटी और सख्ती" पर ज़्यादा ध्यान दे रहा है, चाहे वह स्कूल सरकारी हो या प्राइवेट।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
जब सेंटर की लिस्ट बदलती है, तो सबसे ज्यादा फिक्र छात्रों को होती है। अब उन बच्चों को परीक्षा देने के लिए थोड़ा और दूर जाना पड़ सकता है, जिनका स्कूल इस बार लिस्ट से बाहर है। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड ने सेंटर निर्धारण की प्रक्रिया में कड़े नियमों का पालन करने की बात कही है ताकि 'नकल' की कोई गुंजाइश न रहे।
अपनी सेंटर लिस्ट कैसे चेक करें?
यूपी बोर्ड के छात्र और शिक्षक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ज़िलेवार (District-wise) लिस्ट चेक कर सकते हैं। यह बहुत ज़रूरी है कि छात्र समय रहते अपना संभावित सेंटर जान लें, ताकि परीक्षा के दिनों में कोई हड़बड़ी न हो।
कुल मिलाकर, 2026 की परीक्षा पिछली बार के मुकाबले थोड़ी अलग होने वाली है, खासकर उन इलाकों के लिए जहाँ के मुख्य सरकारी स्कूलों को इस बार जिम्मेदारी नहीं दी गई है।