UP BJP President : हो गया फैसला? 15 दिसंबर से पहले मिल सकता है नया कप्तान, इन नामों की है चर्चा

Post

News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल एक ही गूंज रहा है—"आखिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का यूपी अध्यक्ष कौन होगा?" लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद से ही कयासों का बाज़ार गर्म है, लेकिन अब लगता है कि इंतजार की घड़ियाँ खत्म होने वाली हैं। भूपेंद्र चौधरी की जगह लेने वाले नए 'सेनापति' की तलाश अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

अगर आप भी राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं, तो बता दें कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की फिजाओं में कुछ खास तारीखें और नाम तैर रहे हैं।

तारीख पर सबकी नज़र: कब होगा ऐलान?

ताज़ा खबरों की मानें तो पार्टी हाईकमान अब और ज्यादा देरी करने के मूड में नहीं है। चर्चा है कि 16 दिसंबर से 'खरमास' शुरू हो रहा है (जिसे हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है), इसलिए पार्टी उससे पहले-पहले, यानी 15 दिसंबर तक नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान करना चाहती है।

कहा जा रहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session) के दौरान ही पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच एक फाइनल मीटिंग होगी, जिसके बाद मोहर लगा दी जाएगी।

रेस में कौन आगे: 'जाति' का गणित या 'संगठन' की पकड़?

बीजेपी हमेशा अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार मामला '2027 विधानसभा चुनाव' की तैयारियों का है। इसलिए फूँक-फूँक कर कदम रखे जा रहे हैं। अंदरखाने से जो खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक रेस में कई बड़े दिग्गज शामिल हैं।

  1. OBC चेहरे पर दांव: पिछले चुनावों को देखते हुए बीजेपी का पूरा जोर पिछड़े वर्ग (OBC) को साधने पर है। ऐसे में बी.एल. वर्मा (BL Verma) और केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) जैसे कद्दावर नेताओं के नाम हवा में तैर रहे हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी किसी ऐसे चेहरे को चाहती है जो वोट बैंक को मजबूती से जोड़े रख सके।
  2. सवर्ण बनाम दलित समीकरण: ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ ओबीसी पर ही मंथन हो रहा है। कुछ सूत्रों का कहना है कि अगर पार्टी ओबीसी मुख्यमंत्री के फॉर्मूले से हटती है, तो किसी ब्राह्मण या क्षत्रिय चेहरे को भी कमान सौंपी जा सकती है ताकि बैलेंस बना रहे। इस लिस्ट में श्रीकांत शर्मा और कुछ सांसदों के नाम दबी जुबान में लिए जा रहे हैं।

दिल्ली में लगी है 'रिपोर्ट' की क्लास

यूपी से संगठन के पदाधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने अपनी 'रायशुमारी' (feedback) आलाकमान को सौंप दी है। रिपोर्ट में हर दावेदार का प्लस और माइनस पॉइंट लिखा गया है। एक बात तय है कि नया अध्यक्ष वही होगा जिसकी ट्यूनिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र, दोनों के साथ फिट बैठती हो।