Tulsi Care in Summer : गर्मियों में तुलसी को सूखने से बचाएंगे ये 5 आसान घरेलू नुस्खे, तपती धूप में भी नहीं मुरझाएगा पौधा
News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र और पूजनीय माना जाता है। लेकिन जैसे ही मार्च-अप्रैल की चिलचिलाती गर्मी शुरू होती है, तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण तुलसी की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है। 11 मार्च 2026 की बागवानी (Gardening) एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, कुछ छोटे बदलाव करके आप अपनी तुलसी को साल भर स्वस्थ रख सकते हैं।
आइए जानते हैं गर्मियों में तुलसी के पौधे की देखभाल के 5 सबसे कारगर तरीके।
तुलसी को सूखने से बचाने के 5 मास्टर टिप्स (Tulsi Care Tips)
ग्रीन नेट या छाया का प्रबंध: तुलसी को सीधी और तेज दोपहर की धूप से बचाएं। यदि संभव हो तो गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 2-3 घंटे की धूप मिले और दोपहर में छाया रहे। आप ग्रीन नेट (Green Net) का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
मल्चिंग (Mulching) तकनीक: गमले की मिट्टी की नमी को बरकरार रखने के लिए मिट्टी की ऊपरी सतह पर सूखे पत्ते, लकड़ी का बुरादा या नारियल के छिलके बिछा दें। इसे मल्चिंग कहते हैं, जो पानी को जल्दी सूखने से रोकती है और जड़ों को ठंडा रखती है।
मंजरी को हटाना (Pruning): जैसे ही तुलसी के पौधे पर मंजरी (बीज) आने लगें, उन्हें तुरंत कैंची से काट दें। मंजरी रहने पर पौधा अपनी पूरी ऊर्जा बीज बनाने में लगा देता है और सूखने लगता है। इसे हटाने से पौधा घना और हरा बना रहता है।
मिट्टी में नमी की जांच: गर्मियों में तुलसी को दिन में दो बार (सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूर्यास्त के बाद) पानी दें। लेकिन ध्यान रहे कि गमले में पानी जमा न हो (Waterlogging), वरना जड़ें सड़ सकती हैं। पानी देने से पहले मिट्टी को उंगली से छूकर चेक करें।
कच्चे दूध का छिड़काव: हफ्ते में एक बार पानी में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर तुलसी की जड़ में डालें। यह न केवल खाद का काम करता है बल्कि पौधे को ठंडक भी प्रदान करता है।
इन 3 गलतियों से बचें:
तेज दोपहर में पानी देना: कभी भी दोपहर की तेज धूप में पौधे को पानी न दें, इससे पौधा 'शॉक' में जा सकता है और मर सकता है।
केमिकल खाद: तुलसी एक औषधीय पौधा है, इसमें कभी भी यूरिया या केमिकल खाद न डालें। हमेशा गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट का ही प्रयोग करें।
पत्तों पर धूल: धूल जमा होने से पत्तियां सांस नहीं ले पातीं। स्प्रे बोतल से पत्तों को साफ रखें।