ट्रंप ने करवाई किडनैपिंग? वेनेजुएला के राष्ट्रपति का हाल देख भड़के ओवैसी, कह दी बड़ी बात
News India Live, Digital Desk: दुनिया भर की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका गुस्सा किसी घरेलू मुद्दे पर नहीं, बल्कि अमेरिका की एक ऐसी हरकत पर फूटा है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। बात हो रही है वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की, जिन्हें कथित तौर पर डोनल्ड ट्रंप की सेना/फोर्सेज द्वारा पकड़ लिया गया है।
"ये सुपरपावर हैं या डकैत?"
जैसे ही यह खबर सामने आई कि एक देश के मौजूदा राष्ट्रपति को दूसरे देश (अमेरिका) की ताकतवर एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया है, ओवैसी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कड़े शब्दों में 'बदमाशी' करार दिया है। ओवैसी का कहना है कि यह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह एक तरह की 'पाइरेसी' यानी समुद्री डकैती जैसा है। सोचिए जरा, किसी देश के मुखिया को अगर कोई दूसरा देश इस तरह उठा ले जाए, तो फिर अंतरराष्ट्रीय कानून का मतलब ही क्या रह जाता है?
जंगलराज की ओर इशारा
असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी बेबाक शैली में सवाल उठाया कि अगर अमेरिका जैसा ताकतवर देश ऐसा कर सकता है, तो फिर दुनिया में सुरक्षित कौन है? उन्होंने इसे "इंटरनेशनल ठगी" और "गुंडागर्दी" का नाम दिया। ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि एक संप्रभु देश (Sovereign Nation) की गरिमा को इस तरह कुचलना जंगलराज नहीं तो और क्या है?
दुनिया चुप क्यों है?
ओवैसी अक्सर पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये (Double Standards) पर हमला बोलते रहते हैं। इस बार भी उन्होंने वही किया। उनका कहना था कि अगर यही काम किसी और देश ने किया होता, तो अब तक दुनिया भर में हंगामा मच गया होता। लेकिन चूंकि यह अमेरिका और ट्रंप प्रशासन का फैसला है, इसलिए सब खामोश हैं। यह खामोशी ही सबसे ज्यादा खतरनाक है।
कुल मिलाकर, ओवैसी का यह बयान चेतावनी भी है और तंज भी। यह घटना बताती है कि जब बात ताकत की आती है, तो नियम-कायदे कैसे ताक पर रख दिए जाते हैं। और जब ओवैसी जैसे नेता इस पर बोलते हैं, तो यह मुद्दा सिर्फ़ एक खबर नहीं रह जाता, बल्कि बहस का विषय बन जाता है।