तमिलनाडु नहीं अब तेलंगाना में देखिए धनुषकोडी जैसा नजारा, वारंगल के पास मिला यह बेहद खूबसूरत स्पॉट

तमिलनाडु नहीं अब तेलंगाना में देखिए धनुषकोडी जैसा नजारा, वारंगल के पास मिला यह बेहद खूबसूरत स्पॉट

भारत की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के बारे में जितना कहा जाए उतना कम है, क्योंकि यहाँ हर कोने में कोई न कोई ऐसा अनकहा राज छिपा है जो पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है। तमिलनाडु के रामेश्वरम के पास स्थित प्रसिद्ध और रहस्यमयी कस्बे धनुषकोडी के बारे में तो आपने बहुत सुना और पढ़ा होगा, जहाँ समंदर के बीचों-बीच बिखरे खंडहर और नीले पानी का अनंत विस्तार सैलानियों के दिलों पर एक अलग ही छाप छोड़ता है। लेकिन अब दक्षिण भारत के ही एक दूसरे राज्य यानी तेलंगाना से एक ऐसी हैरान कर देने वाली और रोमांचक खबर सामने आई है, जिसे जानकर हर ट्रैवल प्रेमी झूम उठेगा। तेलंगाना के ऐतिहासिक शहर वारंगल के पास एक ऐसा नया और छिपा हुआ टूरिस्ट स्पॉट खोज निकाला गया है जिसकी बनावट, भौगोलिक स्थिति और खूबसूरती बिल्कुल हूबहू तमिलनाडु के मशहूर धनुषकोडी जैसी ही प्रतीत होती है। इस गुप्त और खूबसूरत जगह के बारे में जैसे ही सोशल मीडिया और ट्रैवल ब्लॉग्स के जरिए लोगों को पता चला है, वैसे ही वीकेंड पर यहां सैलानियों की आवाजाही तेजी से बढ़ने लगी है, और यह जगह राज्य के सबसे हॉट नए डेस्टिनेशन के रूप में उभर रही है।

वारंगल के इस अनछुए कोने की अनोखी भौगोलिक बनावट

तेलंगाना के वारंगल जिले के ग्रामीण आंचल और जंगलों के बीचों-बीच स्थित यह नया पर्यटन स्थल किसी प्राकृतिक चमत्कार से कम नहीं है, जहाँ चारों तरफ पानी का विस्तार और प्राचीन अवशेषों की मौजूदगी एक अलग ही सम्मोहन पैदा करती है। जब आप इस जगह पर पहुंचते हैं, तो आपको ऐसा बिल्कुल भी महसूस नहीं होगा कि आप किसी सामान्य झील या तालाब के किनारे खड़े हैं, बल्कि यहाँ का वाइड एंगल व्यू और क्षितिज तक फैला जलस्रोत बिल्कुल समंदर के तट जैसा अहसास कराता है। स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों का मानना है कि इस इलाके में सदियों पहले कोई पुरानी बस्ती या मंदिर हुआ करता था, जो समय के थपेड़ों और जलमग्न होने के कारण पानी के आगोश में समा गया। यही कारण है कि जब पानी का स्तर थोड़ा कम होता है, तो पुरानी दीवारों और संरचनाओं के अवशेष बाहर झांकने लगते हैं, जो इसे देखने में बिल्कुल धनुषकोडी के घोस्ट टाउन जैसा रहस्यमयी और रोमांचक रूप प्रदान करते हैं।

एडवेंचर लवर्स और फोटोग्राफर्स के लिए क्यों बन रहा है पहली पसंद

ट्रैवल और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह नया हिडन स्पॉट किसी जन्नत से कम साबित नहीं हो रहा है, क्योंकि यहाँ की कच्ची सड़कें, चारों तरफ फैली हरियाली और पानी के बीच उतरते सूरज का नजारा कैमरे में कैद करने के लिए सबसे बेहतरीन फ्रेम तैयार करता है। जो पर्यटक भीड़भाड़ वाले और कमर्शियल टूरिस्ट प्लेस से ऊब चुके हैं और कुछ एकांत, शांति तथा प्रकृति के करीब वक्त बिताना चाहते हैं, उनके लिए वारंगल के पास की यह जगह एकदम परफेक्ट वीकेंड गेटवे है। यहाँ न तो आपको बड़े-बड़े होटलों की चकाचौंध मिलेगी और न ही पर्यटकों का शोरगुल, बल्कि यहाँ केवल हवा की सरसराहट, पक्षियों की चहचहाहट और पानी की लहरों का संगीत सुनाई देता है जो मन को असीम शांति प्रदान करता है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि यदि स्थानीय प्रशासन इस जगह पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं जैसे कि साइनबोर्ड, सुरक्षित रास्ते और गाइड्स की व्यवस्था कर दे, तो यह दक्षिण भारत के सबसे बड़े टूरिस्ट हब्स को कड़ी टक्कर दे सकता है।

तेलंगाना पर्यटन के नक्शे पर एक नया और चमकता सितारा

तेलंगाना सरकार और पर्यटन विभाग भी राज्य में नए-नए ऑफबीट डेस्टिनेशंस को प्रमोट करने के लिए लगातार काम कर रहा है, और ऐसे में वारंगल के पास मिले इस नए स्पॉट का सामने आना राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। ऐतिहासिक वारंगल किला, हजार स्तंभ मंदिर और भद्रकाली झील के साथ-साथ अब इस नए प्राकृतिक चमत्कार के जुड़ जाने से पर्यटकों के पास घूमने के लिए एक और शानदार विकल्प मिल गया है। इतिहास और प्रकृति का यह अनूठा संगम पर्यटकों को न केवल अतीत की सैर कराता है बल्कि उन्हें एक ऐसा एडवेंचर भी देता है जिसकी तलाश में लोग अक्सर दूर-दूर के राज्यों में सफर करते हैं। स्थानीय युवा और ग्रामीण भी इस बात से बेहद उत्साहित हैं कि उनके इलाके में पर्यटकों के आने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उनकी संस्कृति तथा सुंदरता पूरी दुनिया के सामने खुलकर आएगी।

अपनी अगली ट्रिप के लिए इस अद्भुत जगह की करें प्लानिंग

यदि आप भी अपनी आगामी छुट्टियों या वीकेंड पर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ भीड़भाड़ से दूर जाकर कुदरत के सबसे सुंदर और अनछुए रूप का आनंद लिया जा सके, तो वारंगल के पास स्थित इस नए धनुषकोडी जैसे नज़ारे वाले स्पॉट पर जरूर जाएं। यहाँ जाने का सबसे सही समय मानसून के बाद का या सर्दियों का माना जाता है, जब मौसम सुहाना होता है और आसपास का पूरा वातावरण हरियाली से सराबोर रहता है। सफर के दौरान अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पानी, खाने-पीने का सामान और कैमरा रखना बिल्कुल न भूलें क्योंकि यह एक ऑफबीट जगह है जहाँ कमर्शियल दुकानें अभी बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। तेलंगाना की गोद में छिपा यह नया खजाना आपकी हर यात्रा को यादगार बनाने का पूरा दम रखता है, इसलिए बिना ज्यादा सोचे अपनी कार उठाइए और इस रहस्यमयी और खूबसूरत सफर पर निकल पड़िए।