राजस्थान का 'शिमला' कहलाता है यह हिल स्टेशन, जन्नत से भी खूबसूरत हैं माउंट आबू की ये 5 जगहें
धूल, तपती धूप और मरुस्थल के लिए मशहूर राजस्थान के पास एक ऐसा बेहद खूबसूरत रहस्य भी है जो किसी जन्नत से कम नहीं है। राजस्थान के सिरोही जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा 'माउंट आबू' (Mount Abu) राज्य का इकलौता हिल स्टेशन है, जिसे अपनी ठंडी वादियों और प्राकृतिक खूबसूरती के कारण 'राजस्थान का शिमला' कहा जाता है। दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए यह जगह हमेशा से ही वीकेंड मनाने का सबसे पसंदीदा ठिकाना रही है। अगर आप भी इस चिलचिलाते मौसम में किसी शांत, ठंडी और बेहद खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो माउंट आबू की ये पांच जगहे आपके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देंगी।
नक्की झील: हरी-भरी वादियों के बीच बोटिंग का अद्भुत मजा
माउंट आबू के केंद्र में स्थित नक्की झील (Nakki Lake) यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का सबसे मुख्य केंद्र है। इस झील के बारे में एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा प्रचलित है कि देवताओं ने अपने नाखूनों से खोदकर इस खूबसूरत झील का निर्माण किया था, इसलिए इसका नाम 'नक्की' पड़ा। चारों तरफ से अरावली की हरी-भरी पहाड़ियों और अनोखी चट्टानों से घिरी इस प्राकृतिक झील में सूर्यास्त के समय बोटिंग करना एक जादुई एहसास देता है। झील के पास ही प्रसिद्ध 'टोड रॉक' (Toad Rock) भी स्थित है, जो एक मेंढक के आकार की विशाल चट्टान है और यहां से पूरी घाटी का विहंगम नजारा साफ दिखाई देता है।
दिलवाड़ा जैन मंदिर: संगमरमर पर तराशा गया वास्तुकला का अनोखा अजूबा
इतिहास, कला और वास्तुकला के प्रेमियों के लिए माउंट आबू का दिलवाड़ा जैन मंदिर (Dilwara Temple) किसी स्वर्ग से कम नहीं है। 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच बने इन मंदिरों का निर्माण पूरी तरह से सफेद संगमरमर के पत्थरों से किया गया है। मंदिर की दीवारों, खंभों और छतों पर की गई बारीक नक्काशी और कारीगरी इतनी बेमिसाल है कि इसे देखने के बाद दुनिया के बड़े से बड़े आधुनिक आर्किटेक्ट भी हैरान रह जाते हैं। यह पांच मंदिरों का एक समूह है, जहां कदम रखते ही आपको असीम शांति और अध्यात्म का अनुभव होगा।
सनसेट पॉइंट: अरावली की पहाड़ियों के पीछे ढलते सूरज का जादुई नजारा
यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं और फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो सनसेट पॉइंट (Sunset Point) आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है। माउंट आबू के इस सबसे मशहूर पॉइंट से सूर्यास्त का नजारा देखना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। जैसे ही सूरज अरावली की ऊंची-ऊंची पहाड़ियों के पीछे छिपता है, पूरा आसमान नारंगी, लाल और सुनहरे रंगों से सराबोर हो जाता है। इस जादुई नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए रोजाना शाम को यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ता है।
गुरु शिखर: अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी का रोमांच
रोमांच और ट्रैकिंग के शौकीन लोगों के लिए गुरु शिखर (Guru Shikhar) माउंट आबू की सबसे बेहतरीन जगह है। समुद्र तल से लगभग 1722 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है। चोटी पर स्थित गुरु दत्तात्रेय का प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां से दिखने वाला बादलों और धुंध का नजारा आपको ऐसा महसूस कराएगा जैसे आप सचमुच बादलों के ऊपर चल रहे हैं। यहां की ठंडी हवाएं और शांत वातावरण आपकी सारी थकान को पल भर में दूर कर देगा।
अचलगढ़ किला: इतिहास के पन्नों में झांकने का शानदार मौका
माउंट आबू से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अचलगढ़ किला (Achalgarh Fort) इतिहास के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। इस ऐतिहासिक किले का निर्माण मूल रूप से परमार राजवंश के शासकों द्वारा कराया गया था, जिसका बाद में मेवाड़ के महाराणा कुंभा ने पुनर्निर्माण करवाया। किले के परिसर में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे की पूजा की जाती है, जो अपने आप में एक अनोखी और दुर्लभ बात है। इसके पास ही स्थित मंदाकिनी झील और विशाल नंदी की मूर्ति भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है।