Tomato Healthy Recipes: सब्जी की ग्रेवी ही नहीं, टमाटर से बनाएं ये 4 लाजवाब और न्यूट्रिशियस डिशेज; जानें स्टोर करने की सही टेक्निक
टमाटर भारतीय रसोई का एक ऐसा अनिवार्य हिस्सा है, जिसके बिना हमारी रोजमर्रा की कुकिंग अधूरी मानी जाती है। ज्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल सब्जियों की ग्रेवी का बेस बनाने, दाल में तड़का लगाने, गरमा-गरम सूप तैयार करने या फिर सलाद की प्लेट सजाने में किया जाता है। टमाटर का हल्का खट्टा-मीठा स्वाद न केवल खाने के जायके को कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि यह हमारे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व (Nutrients) भी प्रदान करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, प्रचुर मात्रा में फाइबर और 'लाइकोपीन' (Lycopene) नामक एक बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। ये सभी तत्व मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करते हैं, त्वचा की चमक व सेहत बनाए रखते हैं और बॉडी सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। यही वजह है कि इसे एक संतुलित और पौष्टिक डाइट का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है।
हालांकि, कई लोग टमाटर के इस्तेमाल को सिर्फ पारंपरिक ग्रेवी या सलाद तक ही सीमित रखते हैं। जबकि हकीकत यह है कि आप टमाटर को मुख्य सामग्री (Main Ingredient) बनाकर कई तरह की स्वादिष्ट, क्विक और हेल्दी रेसिपीज़ तैयार कर सकते हैं, जिन्हें सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक्स या दोपहर व रात के मुख्य भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। सही कुकिंग मेथड्स के जरिए टमाटर का उपयोग करने से इसके पोषक तत्व नष्ट नहीं होते। आइए जानते हैं कि टमाटर से कौन-सी 4 लाजवाब रेसिपीज़ बनाई जा सकती हैं और इसे खरीदते व घर में स्टोर करते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
टमाटर से बनाएं ये 4 स्वादिष्ट और न्यूट्रिशियस रेसिपीज
अगर आप वही पुराना खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो टमाटर के इस अनूठे और हेल्दी मेकओवर को अपने मेन्यू में जरूर शामिल करें:
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स्वादिष्ट स्टफ्ड टमाटर (Stuffed Tomato): यह देखने में जितना आकर्षक लगता है, खाने में उतना ही पौष्टिक है। इसे बनाने के लिए थोड़े बड़े और सख्त टमाटरों का ऊपरी हिस्सा काटकर अंदर का सारा गूदा (पल्प) बाहर निकाल लें। अब एक मिक्सिंग बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर, उबले हुए कॉर्न (मक्का), बारीक कटी शिमला मिर्च और हल्के भारतीय मसाले मिलाकर एक स्टफिंग तैयार करें। इस मिश्रण को खाली किए गए टमाटरों के अंदर अच्छी तरह भर दें। इसके बाद इसे ओवन में 10 से 15 मिनट तक बेक करें या कड़ाही में हल्का सा ढककर पकाएं। यह डिश प्रोटीन, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर होती है, जिसे आप एक बेहतरीन शाम के स्नैक्स के रूप में परोस सकते हैं।
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चटपटा टमाटर पुलाव (Tomato Pulao): लंच बॉक्स या रात के खाने के लिए यह एक परफेक्ट और झटपट बनने वाली वन-पॉट मील है। इसे बनाने के लिए एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करके जीरा, बारीक कटा प्याज और गरम मसाले भूनें। इसके बाद इसमें ढेर सारे कटे हुए पके टमाटर डालकर तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह गल न जाएं। अब इसमें पहले से भीगे हुए बासमती चावल और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। चावल पक जाने पर ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर गरमा-गरम रायते के साथ परोसें। टमाटर का प्राकृतिक खट्टापन इस पुलाव को एक यूनिक टेस्ट देता है और शरीर को लाइकोपीन की भरपूर खुराक मिलती है।
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साउथ इंडियन स्टाइल टमाटर की चटनी (Tomato Chutney): इडली, डोसा, उत्तपम या सादे पराठे के स्वाद को दोगुना करने के लिए यह चटनी बेहतरीन है। इसे बनाने के लिए कटे हुए टमाटर, लहसुन की कलियां, हरी मिर्च या सूखी लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक को एक पैन में थोड़ा सा पका लें ताकि उनका कच्चापन दूर हो जाए। ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में पीस लें। अंत में इस चटनी पर राई (सरसों के दाने), उड़द दाल और फ्रेश करी पत्ते का कड़कड़ाता हुआ तड़का लगाएं। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चटनी पाचन के लिए भी बेहद अच्छी मानी जाती है।
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प्रोटीन से भरपूर टमाटर का चीला (Tomato Cheela): यह सुबह के नाश्ते के लिए एक बेहद क्विक और वेट-लॉस फ्रेंडली रेसिपी है। इसे तैयार करने के लिए बेसन में बारीक कद्दूकस किए हुए टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन और नमक मिलाकर एक मध्यम गाढ़ा घोल (बैटर) तैयार कर लें। एक नॉन-स्टिक तवे पर थोड़ा सा घी या तेल लगाकर इस घोल को फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा व क्रिस्पी होने तक अच्छी तरह सेक लें। बेसन से शरीर को हाई-क्वालिटी प्रोटीन मिलता है और टमाटर से विटामिन सी, जो नाश्ते को पूरी तरह संतुलित बनाता है।
टमाटर खरीदते और स्टोर करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां
टमाटर की ताजगी और उसमें मौजूद विटामिंस का पूरा लाभ तभी मिलता है जब आप सही क्वालिटी का चुनाव करें और उसे सही तरीके से किचन में रखें:
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सख्त और बेदाग टमाटर चुनें: मार्केट से टमाटर खरीदते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि टमाटर छूने में ताजे, थोड़े सख्त (Firm) और बिना किसी काले दाग-धब्बे या छेद वाले हों। बहुत ज्यादा पिलपिले, अत्यधिक नरम या कटे-फटे टमाटर लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि ऐसे टमाटरों में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं और वे एक ही दिन में सड़कर बाकी सब्जियों को भी खराब कर सकते हैं।
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कमरे के तापमान (Room Temperature) का नियम: अगर आप बाजार से थोड़े कच्चे या हरे-लाल टमाटर लेकर आए हैं, तो उन्हें तुरंत फ्रिज में ठूंसने की गलती न करें। कच्चे टमाटरों को हमेशा 2 से 3 दिनों के लिए कमरे के सामान्य तापमान पर खुली टोकरी में रखें। जब वे प्राकृतिक रूप से पूरी तरह लाल और पक जाएं, तभी उन्हें फ्रिज में शिफ्ट करें। अच्छी तरह पके टमाटरों को फ्रिज के वेजिटेबल बॉक्स में रखने से वे 5 से 7 दिनों तक पूरी तरह ताजे बने रहते हैं।
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प्लास्टिक की थैलियों को कहें ना: टमाटरों को कभी भी प्लास्टिक की कसकर बंद थैलियों या एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर नहीं करना चाहिए। बंद थैली के भीतर नमी (Moisture) जमा हो जाती है, जिससे टमाटर बहुत जल्दी गलने लगते हैं। इसके बजाय उन्हें बांस या स्टील की खुली जालीदार टोकरी में रखें या फिर किसी पेपर बैग (कागज के लिफाफे) का इस्तेमाल करें ताकि हवा का वेंटिलेशन बना रहे।
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इस्तेमाल से ठीक पहले ही धोएं: एक और आम गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है बाजार से सब्जियां लाते ही उन्हें धोकर सीधे स्टोर कर देना। टमाटर को कभी भी बार-बार धोकर या गीला करके स्टोर न करें। नमी के कारण इसकी ऊपरी त्वचा खराब होने लगती है। टमाटर को हमेशा उसी समय पानी से अच्छी तरह धोएं जब आप उसका उपयोग कुकिंग या सलाद बनाने के लिए करने जा रहे हों। इस आसान और व्यावहारिक आदत से आपके टमाटर लंबे समय तक रसीले और फ्रेश बने रहेंगे।