बादलों के बीच छुपा है जन्नत का रास्ता! ये हैं भारत के सबसे खूबसूरत मानसून ट्रेक
भारत में मानसून का महीना आते ही प्रकृति एक नया और जादुई रूप धारण कर लेती है। सूखी पहाड़ियां हरी मखमली चादर ओढ़ लेती हैं और सूखे पड़े झरने अपनी पूरी रफ्तार से बहने लगते हैं। एडवेंचर के शौकीनों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह समय पहाड़ों की सैर करने और मानसून ट्रेकिंग का लुत्फ उठाने का सबसे बेहतरीन मौका होता है। रिमझिम बारिश के बीच जब आप बादलों को छूते हुए पहाड़ों पर चढ़ते हैं, तो वह अनुभव जिंदगी भर के लिए यादगार बन जाता है। यूं तो भारत में ट्रेकिंग के लिए कई मशहूर जगहें हैं, लेकिन आज हम आपको देश के उन चुनिंदा और सबसे खूबसूरत मानसून ट्रेक्स की सैर पर ले जा रहे हैं, जो इस मौसम में साक्षात जन्नत जैसे नजर आते हैं। खास बात यह है कि इस लिस्ट में शामिल तीसरे ट्रेक के बारे में शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा।
फूलों की घाटी (वैली ऑफ फ्लावर्स) उत्तराखंड: धरती पर साक्षात स्वर्ग का नजारा मानसून के मौसम में अगर देश के सबसे खूबसूरत और वैश्विक स्तर पर मशहूर ट्रेक की बात की जाए, तो उत्तराखंड में स्थित 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) का नाम सबसे ऊपर आता है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह घाटी साल के बाकी महीनों में बर्फ से ढकी रहती है, लेकिन मानसून की बारिश पड़ते ही यहां का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। जुलाई से सितंबर के बीच इस घाटी में 500 से अधिक प्रजातियों के रंग-बिरंगे जंगली फूल अपने आप खिल उठते हैं। चारों तरफ फैली खुशबू और हरी-भरी पहाड़ियों के बीच से बहते झरने इस ट्रेक को हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट का हिस्सा बना देते हैं। लगभग 17 किलोमीटर का यह ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इसकी खूबसूरती हर थकान को पल भर में मिटा देती है।
हरीशचंद्रगढ़ ट्रेक महाराष्ट्र: बादलों के समंदर और कोंकण कड़ा का रोमांच पश्चिमी घाट यानी सह्याद्रि की पहाड़ियां मानसून के दौरान महाराष्ट्र की शान बन जाती हैं। मुंबई और पुणे के पास स्थित हरीशचंद्रगढ़ ट्रेक (Harishchandragad Trek) मानसून के शौकीनों के लिए किसी मक्के-मदीने से कम नहीं है। इस ट्रेक की सबसे बड़ी खासियत इसका 'कोंकण कड़ा' (कोंकण चट्टान) है, जो एक अर्धचंद्राकार की तरह दिखाई देता है। बारिश के दिनों में जब ठंडी हवाएं चलती हैं, तो इस चट्टान से नीचे की ओर बहने वाला पानी हवा के दबाव के कारण वापस ऊपर की तरफ उड़ने लगता है, जिसे 'रिवर्स वाटरफॉल' कहा जाता है। इस ट्रेक पर चलते हुए आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप बादलों के समंदर के ऊपर तैर रहे हैं। प्राचीन गुफाएं और किले के अवशेष इस एडवेंचर को और भी ज्यादा ऐतिहासिक और रोमांचक बना देते हैं।
मडग्यार ट्रेक: जिसके बारे में अब तक अनजान हैं देश के 99% टूरिस्ट अब बात करते हैं हमारी लिस्ट के उस सबसे बड़े सरप्राइज की, जिसका नाम आपने शायद ही पहले कभी सुना होगा। यह है महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा के पास छुपा हुआ एक बेहद प्राचीन और गुमनाम 'मडग्यार ट्रेक' (Madgyar Trek)। यह एक ऐसा ऑफबीट डेस्टिनेशन है जिसे अब तक कमर्शियल टूरिज्म की नजर नहीं लगी है। मानसून के दिनों में यह पूरा इलाका घने कोहरे, रहस्यमयी गुफाओं और छोटे-छोटे अनछुए झरनों से घिर जाता है। यहां की शांति और मखमली घास के मैदान आपको एक अलग ही दुनिया का अहसास कराएंगे। अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं जहां सिर्फ प्रकृति की खामोशी और बारिश की बूंदों की आवाज सुनाई दे, तो मडग्यार ट्रेक आपके लिए सबसे बेस्ट और अनोखा विकल्प साबित होगा।
मानसून ट्रेकिंग पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का रखें विशेष ख्याल बारिश के मौसम में पहाड़ों की खूबसूरती जितनी लुभावनी होती है, वहां का रास्ता उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है। इसलिए किसी भी मानसून ट्रेक पर निकलने से पहले अपनी सुरक्षा की पूरी तैयारी कर लें। सफर के लिए हमेशा अच्छी ग्रिप वाले वाटरप्रूफ ट्रेकिंग शूज का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि बारिश में रास्ते बेहद फिसलन भरे हो जाते हैं। अपने साथ रेनकोट, वाटरप्रूफ बैग कवर और एक अच्छी मेडिकल किट जरूर रखें जिसमें जोंक (Leeches) से बचने के लिए नमक या स्प्रे शामिल हो। इसके साथ ही, स्थानीय मौसम की जानकारी और वेदर फोरकास्ट देखकर ही अपनी यात्रा की शुरुआत करें ताकि आप किसी भी तरह के भूस्खलन (Landslide) या भारी आपदा की स्थिति से सुरक्षित रह सकें।