बिहार की राजनीति में भारी भूचाल! पूर्व CM राबड़ी देवी ने सरकारी आवास से सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटाया
बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य की राजनीति में अचानक भारी उबाल ला दिया है। वीआईपी (VIP) नेताओं की सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सत्ता पक्ष के बीच रार चरम पर पहुंच गई है। इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपने 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी आवास से सभी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया है। राबड़ी देवी के इस अचानक उठाए गए कदम और तीखे तेवरों के बाद राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से गरमा गया है।
आधी रात को सुरक्षा हटाने पर भड़कीं राबड़ी देवी, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार और गृह विभाग पर सीधे तौर पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के और आधी रात को उनके आवास से अचानक सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम कर दी गई, जो कि सीधे तौर पर उनके और उनके परिवार के अपमान का प्रयास है। राबड़ी देवी ने बेहद गुस्से में कहा कि अगर सरकार को उनकी सुरक्षा वापस लेनी ही है, तो वे पूरी तरह से सुरक्षा छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन इस तरह का भेदभावपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने बचे हुए सुरक्षा बलों को भी तुरंत ड्यूटी से हटने और वापस जाने का हुक्म दे दिया।
राजद कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश, सुरक्षा के बहाने साजिश रचने का लगाया आरोप
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राजद खेमे और लालू परिवार के समर्थकों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की लोकप्रियता से घबराकर सरकार इस तरह के ओछे हथकंडे अपना रही है। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि लालू परिवार की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर उन्हें जानबूझकर खतरे में डालने की एक बड़ी राजनीतिक साजिश रची जा रही है। वहीं दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की तरफ से इस कार्रवाई को एक रूटीन प्रक्रिया और सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया फैसला बताया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सुरक्षा को लेकर छिड़ी यह जंग बिहार की राजनीति को किस नए मोड़ पर लेकर जाती है।