हजारीबाग का सिकरी फॉल बना आकर्षण का केंद्र: 70 फीट की ऊंचाई से गिरते इस झरने की खूबसूरती बारिश के मौसम में हुई और भी ज्यादा लाजवाब

हजारीबाग का सिकरी फॉल बना आकर्षण का केंद्र: 70 फीट की ऊंचाई से गिरते इस झरने की खूबसूरती बारिश के मौसम में हुई और भी ज्यादा लाजवाब

झारखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों, पहाड़ियों और झरनों के लिए पूरे देश में एक अलग पहचान रखता है। इसी कड़ी में हजारीबाग जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और रमणीय पिकनिक स्पॉट इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं हजारीबाग के प्रसिद्ध सिकरी फॉल की, जो बारिश के मौसम में अपनी पूरी शबाब पर है। जैसे ही बादलों ने झारखंड की वादियों में डेरा डाला है, यहां का मौसम और झरनों का रूप देखने लायक हो गया है। सुदूर इलाकों से सैलानी इस प्राकृतिक नज़ारे का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।

70 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी का मनमोहक दृश्य

सिकरी फॉल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पानी करीब 70 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे गिरता है। बारिश के दिनों में जब आसपास के पहाड़ों और जंगलों का पानी इस झरने में समाहित होता है, तो इसका वेग और आकार दोनों काफी बढ़ जाते हैं। ऊंचाई से गिरते हुए पानी की गड़गड़ाहट और उससे उड़ने वाली पानी की बूंदें पर्यटकों के मन को मोह लेती हैं। इस झरने के आसपास का पूरा इलाका हरे-भरे पेड़ों और चट्टानों से घिरा हुआ है, जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती है सिकरी फॉल की सुंदरता

वैसे तो सालभर सैलानी हजारीबाग के इस हिस्से में आते रहते हैं, लेकिन मानसून के सीजन में सिकरी फॉल का असली सौंदर्य निखर कर सामने आता है। बारिश की फुहारों के बीच बादलों की लुकाछिपी और चारों तरफ फैली हरियाली इस जगह के रोमांच को कई गुना बढ़ा देती है। पानी के तेज बहाव और ठंडी हवाओं के बीच यहां बिताया गया हर एक पल पर्यटकों की सारी थकान को पलभर में दूर कर देता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अब झारखंड के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी लोग इस छिपे हुए प्राकृतिक खजाने को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

कैसे पहुंचे सिकरी फॉल और क्या रखें सावधानियां?

यदि आप भी झारखंड की इस खूबसूरत वादी में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो हजारीबाग जिला मुख्यालय से सड़क मार्ग के जरिए सिकरी फॉल आसानी से पहुंचा जा सकता है। हजारीबाग शहर से इसकी दूरी बहुत ज्यादा नहीं है, और आप निजी वाहन या टैक्सी के जरिए यहां सरलता से पहुंच सकते हैं। हालांकि, बारिश के मौसम में झरने के आसपास की चट्टानें काफी चिकनी और फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से पानी के बहुत ज्यादा करीब जाने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और टूरिज्म डिपार्टमेंट भी पर्यटकों से अपील करता वे प्रकृति का आनंद लेते समय पूरी सावधानी बरतें ताकि यह सफर पूरी तरह सुरक्षित और यादगार बन सके।

Latest Posts