भारत में अब होटल नहीं बल्कि 'एक्सपीरियंस' बुक कर रहे लोग
आज के आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग छुट्टियों पर बाहर घूमने निकलते हैं, तो उनका नजरिया सिर्फ एक साधारण कमरे में रात बिताने से बहुत आगे निकल चुका है। आज का ट्रैवलर सिर्फ चार दीवारों वाले किसी पारंपरिक होटल में रुकने के बजाय एक ऐसा अनूठा 'एक्सपीरियंस' तलाश रहा है, जो उसकी यात्रा को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दे। भारत के पर्यटन मानचित्र पर इन दिनों एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां होटल्स की परिभाषा बदलकर 'स्टेकेशन' और 'एक्सपीरियंस बेस्ड स्टे' में तब्दील हो चुकी है। सुबह आंख खुलते ही खिड़की से बादलों को चीरते हुए विशाल पहाड़ दिखाई दें, या फिर रात के वक्त बिस्तर पर लेटे-लेटे ही कांच की छत से आसमान के अनगिनत टिमटिमाते तारे नजर आएं, पर्यटकों की पहली पसंद अब ऐसी ही जादुई और सम्मोहक जगहों पर ठहरने की होती है। उत्तर प्रदेश और देश भर के अन्य राज्यों से जब सैलानी उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों, राजस्थान के मरुस्थलों, केरल के शांत बैकवाटर या दक्षिण भारत के कॉफी बागानों का रुख करते हैं, तो वे ऐसे लक्जरी टेंट, ट्री-हाउस, हेरिटेज हवेलियों और ग्लास केबिन को चुनते हैं जो प्रकृति के बिल्कुल करीब होते हैं। इस बदलते ट्रेंड ने न केवल हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है, बल्कि पर्यटकों को यह अहसास करा दिया है कि सफर का असली मजा सिर्फ घूमने में नहीं, बल्कि जहां ठहरते हैं वहां के हर एक पल को शिद्दत से जीने में है।
पारंपरिक होटलों से आगे बढ़कर अब 'एक्सपीरियंस स्टे' क्यों बन रहे हैं आधुनिक पर्यटकों की पहली पसंद
पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की सोच में जमीन-असामन का बदलाव आया है, जहां अब लोग भीड़भाड़ वाले शहरी होटलों में कैद रहने के बजाय एकांत, शांति और प्रकृति की गोद में बने अनोखे आवासों की तलाश करते हैं। जब आप किसी पहाड़ी की चोटी पर बने ग्लास हाउस में रुकते हैं, जहां चारों तरफ से कोहरा और पहाड़ियां आपको घेरे रहती हैं, तो वह मानसिक शांति मिलती है जिसकी तलाश में इंसान शहर की चकाचौंध से दूर भागता है। इस प्रकार के 'एक्सपीरियंस स्टे' में केवल रुकने की सुविधा नहीं मिलती, बल्कि वहां की स्थानीय संस्कृति, वहां का खानपान, पारंपरिक वास्तुकला और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) रहने के तरीके का भी अनुभव होता है। उत्तर प्रदेश के भी जो लोग वीकेंड पर पहाड़ों या समुद्र तटों की यात्रा पर जाते हैं, वे पारंपरिक फाइव-स्टार होटलों के महंगे और एक जैसे बोरिंग कमरों को छोड़कर अब होमस्टे, ट्री-हाउस और फार्म-स्टे बुक करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जहां उन्हें घर जैसा अपनापन और प्रकृति का सानिध्य दोनों एक साथ मिल जाते हैं।
भारत के वे बेहतरीन डेस्टिनेशन जहां कमरों से ही दिखाई देते हैं प्रकृति के सबसे अद्भुत और जादुई नजारे
भारत की भौगोलिक विविधता इस प्रकार के अनूठे अनुभवों को जीने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन देशों में शुमार करती है, जहां हर कोने में एक नया आश्चर्य छिपा हुआ है। यदि आपको पानी और लहरों का संगीत पसंद है, तो केरल और गोवा के बैकवाटर में बने फ्लोटिंग विला या हाउसबोट आपको पानी के ऊपर सोने का एक ऐसा अहसास कराते हैं जो जीवन भर नहीं भूलता। वहीं, यदि आप पहाड़ों के दीवाने हैं, तो लद्दाख, मनाली, और हिमाचल प्रदेश के ऐसी जगहों पर बने जिओडेसिक डोम (Geodesic Domes) और ग्लास कैबिन मिल जाएंगे जहां से आप रजाई में दुबक कर रात के वक्त तारों से भरे आसमान को अपनी खुली आंखों से निहार सकते हैं। राजस्थान के जैसलमेर में रेत के समंदर के बीच बने लग्जरी स्विस टेंट और ट्यूलिप कैंप्स आपको राजस्थानी संस्कृति, लोक संगीत और खुले आसमान के नीचे रेगिस्तान की ठंडी रातों का ऐसा अनुभव कराते हैं जो किसी भी आम होटल में कभी नहीं मिल सकता।
प्रकृति के साथ तालमेल और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन की ओर बढ़ता हुआ मजबूत कदम
इस प्रकार के 'एक्सपीरियंस स्टे' की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पूरी तरह से सस्टेनेबल (Sustainable) तरीके से डिजाइन किए जाते हैं। इनमें लोकल मिट्टी, लकड़ी, पत्थर और प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल करके कॉटेज और कमरे बनाए जाते हैं, जो आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होने के बावजूद प्रकृति के साथ पूरी तरह से जुड़े होते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को स्थानीय किसानों द्वारा उगाई गई जैविक (Organic) सब्जियां और पारंपरिक ग्रामीण व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत बड़ा बढ़ावा मिलता है। उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवा ट्रैवलर्स इस प्रकार के इको-टूरिज्म को सोशल मीडिया पर जमकर प्रमोट कर रहे हैं, जिससे अन्य लोगों को भी पारंपरिक होटलों से हटकर इन अनोखे अनुभवों को आजमाने की प्रेरणा मिल रही है।
अपने अगले वेकेशन पर होटल नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बुक करने का बनाएं प्लान
संक्षेप में कहें तो जिंदगी बहुत छोटी है और यात्राएं इसे खूबसूरत बनाने का सबसे बेहतरीन जरिया हैं, इसलिए इस बार जब भी आप छुट्टी पर जाने का प्लान बनाएं, तो किसी साधारण होटल के कमरे में खुद को बंद करने के बजाय एक ऐसा 'एक्सपीरियंस बुक करें' जो आपकी रूह को सुकून दे सके। खिड़की से दिखती झील का शांत पानी, पहाड़ों की खूबसूरती और रातों को छत पर टिमटिमाते तारे आपके सारे तनाव को पल भर में छूमंतर कर देंगे और आपको तरोताजा कर देंगे। सही प्लानिंग और समय पर बुकिंग करके आप भी अपने इस सफर को हमेशा के लिए एक यादगार दास्तान में बदल सकते हैं।