अक्टूबर में भारत के इन 5 ऐतिहासिक और रंगीन फेस्टिवल्स का जरूर उठाएं लुफ्त

अक्टूबर में भारत के इन 5 ऐतिहासिक और रंगीन फेस्टिवल्स का जरूर उठाएं लुफ्त

अक्टूबर का महीना भारत में फेस्टिव सीजन की एक खूबसूरत और सुहानी शुरुआत लेकर आता है, जब चिलचिलाती गर्मी विदा ले चुकी होती है और हल्की-हल्की गुलाबी ठंडक हवा में घुलने लगती है. देश के अलग-अलग कोनों में इस महीने संस्कृति, परंपरा, संगीत, कला और आध्यात्मिकता के ऐसे अनूठे उत्सव मनाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि सात समंदर पार से भी विदेशी सैलानी भारत की धरती पर खींचे चले आते हैं. यदि आप भी इस अक्टूबर के महीने में कुछ नया, रोमांचक और यादगार अनुभव तलाश रहे हैं, तो आम छुट्टियों की जगह भारत के इन प्रसिद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक त्योहारों का हिस्सा बनकर अपनी यात्रा को खास बना सकते हैं. अक्टूबर 2026 के इस सुहाने मौसम में भारत के ये पांच बड़े फेस्टिवल्स आपको देश की मिट्टी की खुशबू, प्राचीन कलाओं और जीवंत परंपराओं से सीधे रूबरू कराएंगे, जो आपकी जिंदगी के सबसे बेहतरीन पलों में से एक साबित होंगे. आइए जानते हैं कि इस अक्टूबर महीने में देश के किस हिस्से में कौन सा भव्य मेला और फेस्टिवल आयोजित होने जा रहा है, और आप वहां कैसे पहुंच सकते हैं.

जोधपुर का मशहूर मारवाड़ फेस्टिवल और मेहरानगढ़ किले की शाही रौनक

राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर में हर साल अक्टूबर के महीने में शरद पूर्णिमा के आसपास दो दिवसीय प्रसिद्ध 'मारवाड़ फेस्टिवल' (Marwar Festival) का आयोजन बड़े ही भव्य तरीके से किया जाता है. इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य मारवाड़ के उन महान नायकों, राजाओं और लोक कलाकारों की वीरता व संस्कृति को याद करना और प्रदर्शित करना है, जिन्होंने यहां के इतिहास को स्वर्णिम बनाया है. जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले, उम्मेद भवन पैलेस और जसवंत थड़ा जैसे भव्य स्मारकों की पृष्ठभूमि में होने वाले इस फेस्टिवल में लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य जैसे घूमर और कालबेलिया, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता और ऊंटों के शानदार करतब देखने को मिलते हैं. इस दौरान पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठता है और रेगिस्तानी संस्कृति का ऐसा जीवंत रूप देखने को मिलता है जो सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है. यदि आप राजस्थान की असली शाही रीत-रिवाजों और लोक कलाओं को करीब से अनुभव करना चाहते हैं, तो अक्टूबर में जोधपुर की यह यात्रा आपके लिए एक परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन साबित होगी.

मैसूर दशहरा फेस्टिवल और कर्नाटक की ऐतिहासिक परंपरा का महाकुंभ

कर्नाटक का मैसूर शहर दुनिया भर में अपने ऐतिहासिक 'मैसूर दशहरा' (Mysore Dasahara) फेस्टिवल के लिए जाना जाता है, जिसे भारत के सबसे भव्य और ऐतिहासिक त्योहारों में गिना जाता है. इस साल अक्टूबर में मनाए जाने वाले इस दस दिवसीय उत्सव की शुरुआत विजयादशमी के पावन पर्व पर होती है, जिसका इतिहास 400 साल से भी ज्यादा पुराना है. इस दौरान पूरे मैसूर पैलेस को लगभग एक लाख से अधिक बिजली के बल्बों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इस फेस्टिवल का सबसे मुख्य आकर्षण 'जम्बो सवारी' होती है, जिसमें सजे-धजे हाथियों के साथ शाही पालकी निकाली जाती है और शहर की सड़कों पर लोक कलाकारों का अद्भुत मार्च निकलता है. इसके अलावा, मैसूर पैलेस के अंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम, शास्त्रीय संगीत और नृत्य के बड़े आयोजन होते हैं, जो दक्षिण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं. अगर आप भारतीय संस्कृति के इस विशालकाय और रंगीन स्वरूप को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो अक्टूबर के महीने में मैसूर का रुख अवश्य करें.

दुर्गा पूजा का पावन पर्व और कोलकाता की सड़कों पर सजने वाली अलौकिक पंडाल संस्कृति

पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता शहर में अक्टूबर के महीने में मनाए जाने वाला 'दुर्गा पूजा' (Durga Puja) फेस्टिवल किसी साधारण त्योहार से बढ़कर एक विशाल ग्लोबल कल्चरल कार्निवल का रूप ले लेता है. यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल हो चुका यह महाउत्सव अक्टूबर में अपने पूरे परवान पर होता है, जब शहर के हर कोने में भव्य, थीम-आधारित और कलात्मक पंडाल बनाए जाते हैं. कोलकाता की सड़कों पर रात-दिन लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है जो इन विशाल पंडालों में विराजी मां दुर्गा की मूर्तियों और उनकी नायाब कलाकारी को निहारने के लिए घूमती है. ढाक की थाप, बंगाली धुनुची नृत्य, सिंदूर खेला और बंगाली पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद इस उत्सव को और भी ज्यादा खास बना देता है. इस दौरान पूरा कोलकाता शहर एक ऐसी खुली आर्ट गैलरी में बदल जाता है जहाँ कला, भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिलता है जो दुनिया में कहीं और नजर नहीं आता है.

जोधपुर और जैसलमेर के रेगिस्तानों में गूंजने वाला राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल (RIFF)

अगर आपको संगीत से प्यार है और आप खुले आसमान के नीचे रेगिस्तान की ठंडी हवाओं के बीच दुनिया के बेहतरीन कलाकारों की धुनें सुनना चाहते हैं, तो जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हर साल अक्टूबर के आखिर में आयोजित होने वाला 'राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल' (RIFF) आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. इस प्रतिष्ठित संगीत उत्सव को यूनेस्को का भी समर्थन प्राप्त है, जिसमें भारत के साथ-साथ दुनिया भर के प्रसिद्ध लोक संगीतकार, सूफी गायक और वादक अपनी कला का जादू बिखेरने आते हैं. किले की प्राचीन प्राचीरों और विशाल आंगनों के बीच जब रात के समय लोक संगीत और समकालीन धुनों का फ्यूजन गूंजता है, तो वहां मौजूद हर शख्स उस संगीत के नशे में डूब जाता है. सूर्योदय के समय किले की चोटी से सूरज निकलते देखना और पारंपरिक संगीत का आनंद लेना एक ऐसा जादुई अनुभव है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. संगीतप्रेमियों और ग्लोबल ट्रैवलर्स के लिए यह फेस्टिवल अक्टूबर महीने में घूमने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक माना जाता है.

गोवा का लोकप्रिय मैंगोर्ज फेस्टिवल और बीच संस्कृति से हटकर सांस्कृतिक उत्सव

आमतौर पर गोवा को केवल समुद्र तटों, नाइटलाइफ और पार्टियों के लिए जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि अक्टूबर का महीना गोवा में स्थानीय संस्कृति, कला और त्योहारों का भी गवाह बनता है. इस दौरान गोवा में कई स्थानीय सांस्कृतिक उत्सव और कैथोलिक पर्व आयोजित किए जाते हैं जो पुर्तगाली और कोंकणी संस्कृति के अनूठे मेल को दर्शाते हैं. अक्टूबर में गोवा का मौसम बेहद सुहाना हो जाता है, मानसून की विदाई के बाद चारों तरफ हरियाली छा जाती है और समुद्र का पानी भी शांत रहता है, जिससे यह समय बीच टूरिज्म के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग और हेरिटेज वॉक के लिए एकदम परफेक्ट होता है. पणजी की पुरानी गलियों में घूमना, प्राचीन चर्चों का दौरा करना और गोवा के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाना इस महीने की यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचक बना देता है. भारत के इन पांचों प्रसिद्ध फेस्टिवल्स में से किसी एक का भी हिस्सा बनकर आप इस अक्टूबर अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं.