यूनेस्को की धरोहर से लेकर हसीन वादियों तक! ये हैं भारत की 5 सबसे शानदार टॉय ट्रेन राइड्स, आज ही बना लें सफर का प्लान
भारत की खूबसूरत और विविधता से भरी वादियों में सफर करने का मजा ही कुछ और है, और जब बात ट्रेन के सफर की हो तो रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप भी भीड़भाड़ और रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर किसी शांत, सुहाने और यादगार वेकेशन की तलाश में हैं, तो टॉय ट्रेन की यह रोमांचक यात्रा आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। भारत में कई ऐसी ऐतिहासिक और खूबसूरत नैरो-गेज रेलवे लाइनें मौजूद हैं जो न केवल पहाड़ों की गोद से होकर गुजरती हैं, बल्कि अपनी खास बनावट के कारण दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इनमें से कई रूट्स को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा भी दिया जा चुका है, जो इस सफर को और अधिक खास और जादुई बना देता है।
1. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (पश्चिम बंगाल) - बादलों के बीच बादशाही सफर
टॉय ट्रेन की बात हो और सबसे पहले दार्जिलिंग का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। टॉय ट्रेन के रूप में दुनिया भर में मशहूर यह हेरिटेज रूट सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग तक की पहाड़ियों के बीच से गुजरता है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस टॉय ट्रेन में सफर के दौरान जब भाप का इंजन सीटी बजाते हुए बादलों और चाय के हरे-भरे बागानों के बीच से निकलता है, तो नजारा किसी परीकथा जैसा प्रतीत होता है। यह सफर फोटोग्राफी के शौकीनों और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।
2. कालका-शिमला टॉय ट्रेन (हिमाचल प्रदेश) - सुरंगों और पाइन के जंगलों का रोमांच
शिमला की वादियों में जाने वाले पर्यटकों के लिए कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर किसी एडवेंचर से कम नहीं है। लगभग 96 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक रूट पर कुल 100 से अधिक सुरंगें और सैकड़ों शानदार पुल आते हैं, जो इस यात्रा को बेहद रोमांचक बनाते हैं। हरे-भरे देवदार और पाइन के जंगलों के बीच से गुजरती हुई यह टॉय ट्रेन जब धीरे-धीरे पहाड़ियों पर चढ़ती है, तो खिड़की से बाहर दिखने वाला नजारा यात्रियों के मन मोह लेता है।
3. नीलगिरी माउंटेन रेलवे (तमिलनाडु) - दक्षिण भारत की अनमोल हरीतिमा
दक्षिण भारत के खूबसूरत हिल स्टेशन ऊटी की यात्रा को यादगार बनाने के लिए नीलगिरी माउंटेन रेलवे का टॉय ट्रेन सफर सबसे लोकप्रिय माना जाता है। मेटूपालेम से कुन्नूर और ऊटी तक जाने वाली यह ट्रेन 'रैक एंड पिनियन' तकनीक पर चलती है, जो इसे भारत की अन्य ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है। इस सफर के दौरान घने जंगल, गहरे खड्ड, चाय के बागान और ढलानों पर बने पुल आंखों को एक अलग ही सुकून और ठंडक का अहसास कराते हैं।
4. कांगड़ा वैरी रेलवे (हिमाचल प्रदेश) - धौलाधार की पहाड़ियों का जादुई नजारा
पठानकोट से जोगिंदरनगर तक का सफर तय करने वाली कांगड़ा वैली रेलवे लाइन हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता का एक बेहतरीन नमूना है। धौलाधार पर्वतमाला की बर्फीली चोटियों और हरी-भरी वादियों के बीच से गुजरने वाली यह टॉय ट्रेन फोटोग्राफी और शांतिपसंद यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस रूट पर सफर करते हुए आप स्थानीय संस्कृति, प्राचीन मंदिरों और प्रकृति के बेहद करीब का अनुभव कर सकते हैं।
5. माथेरान हिल रेलवे (महाराष्ट्र) - प्रदूषण मुक्त लाल मिट्टी का अनोखा ट्रैक
महाराष्ट्र के नेरल से माथेरान तक जाने वाली यह टॉय ट्रेन पश्चिमी घाट के सह्याद्रि पर्वतों की गोद में स्थित है। इस मार्ग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि माथेरान एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां किसी भी मोटर वाहन को जाने की अनुमति नहीं है, इसलिए यहां पहुंचने का मुख्य और सबसे रोमांचक जरिया यही छोटी ट्रेन है। लाल मिट्टी के रास्तों और पेड़ों की छतरी के नीचे धीमी गति से चलने वाली इस टॉय ट्रेन का सफर बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आता है।