होटल भूल जाइए! अब ट्रैवलर्स का नया क्रेज बन गए ये 6 अनोखे स्टे, ठहरना ही बन रहा है पूरा ट्रैवल एक्सपीरियंस

होटल भूल जाइए! अब ट्रैवलर्स का नया क्रेज बन गए ये 6 अनोखे स्टे, ठहरना ही बन रहा है पूरा ट्रैवल एक्सपीरियंस

ट्रैवल करने के शौकीन लोगों के घूमने-फिरने के तौर-तरीकों में पिछले कुछ सालों में एक बहुत बड़ा और दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है। आज का जागरूक और आधुनिक यात्री अब पारंपरिक और घिसे-पिटे होटलों के चार दीवारों वाले कमरों में बंधकर रहना बिल्कुल भी पसंद नहीं करता है। छुट्टियों का मतलब अब केवल दिनभर घूमकर रात को सोने के लिए कोई कमरा बुक करना नहीं रह गया है, बल्कि ठहरने की जगह खुद में ही एक पूरा रोमांचक और यादगार अनुभव बन चुकी है। यही वजह है कि देश-विदेश के पर्यटक होटलों को छोड़कर अब कुछ हटके और अनोखे स्टे ऑप्शंस की तलाश में रहते हैं। प्रकृति के बेहद करीब, इतिहास की खुशबू समेटे हुए या फिर पूरी तरह से अनूठे वास्तुशिल्प वाले इन आवासों में रुकना अपने आप में एक अलग ही सुकून देता है। आज हम आपको ऐसे ही 6 बेहद अनोखे स्टे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इन दिनों ट्रैवलर्स की पहली पसंद बने हुए हैं और जिनका अनुभव आपकी अगली यात्रा को हमेशा के लिए अमर बना देगा।

#ट्रीहाउस स्टे: प्रकृति की गोद में ऊंचे पेड़ों पर बचपन के सपनों को जीना

जब बात अनोखे स्टे की आती है, तो सबसे पहला नाम ट्रीहाउस का आता है, जो इन दिनों जंगल, पहाड़ों और वन्यजीव अभयारण्यों के पास सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। जमीन से कई फीट ऊपर घने और विशाल पेड़ों की शाखाओं के बीच बनाए गए ये लकड़ी के कॉटेज पर्यटकों को सीधे प्रकृति के आंचल में रहने का अनूठा अहसास कराते हैं। सुबह उठते ही खिड़की से पक्षियों की चहचहाहट सुनना, ठंडी हवा के झोंकों को महसूस करना और पत्तों से छनकर आती सूरज की किरणों का स्वागत करना एक अलग ही जादुई दुनिया में ले जाता है। केरल के वायनाड, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के जंगलों में बने इन ट्रीहाउस में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राकृतिक जीवनशैली का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। जो लोग शहरी कोलाहल और प्रदूषण से दूर कुछ दिन पूरी तरह से शांत और प्राकृतिक माहौल में बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह स्टे किसी जन्नत से कम नहीं है।

#हेरिटेज होमस्टे: राजा-महाराजाओं के महलों और पुरानी हवेलियों में शाही मेहमाननवाज

होटलों के आधुनिकीकरण से बोर हो चुके लोग इन दिनों राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे ऐतिहासिक राज्यों में हेरिटेज होमस्टे का जमकर रुख कर रहे हैं। सदियों पुरानी हवेलियों, किलों और पारंपरिक राजसी घरों को अब हेरिटेज होमस्टे के रूप में तब्दील कर दिया गया है, जहां ठहरकर यात्री पुराने दौर के राजा-महाराजाओं और जागीरदारों की जीवनशैली को खुद महसूस कर सकते हैं। इन इमारतों की नक्काशी, पारंपरिक हस्तशिल्प से सजावट और वहां के शाही खानपान के तरीके पर्यटकों को इतिहास के पन्नों में उतार देते हैं। इन जगहों पर केवल रुकना ही नहीं होता, बल्कि वहां के स्थानीय मेजबान आपको उस इलाके के इतिहास, लोक कथाओं और संस्कृति से भी गहराई से रूबरू कराते हैं, जिससे यात्री उस जगह से मानसिक रूप से जुड़ जाता है।

#ग्लैम्पिंग यानी लग्जरी टेंट स्टे: रेगिस्तान और पहाड़ों के बीच तारों भरी छांव में सोना

कैंपिंग का रोमांच तो हर कोई चाहता है, लेकिन बिना किसी बुनियादी सुविधा के खुले आसमान के नीचे रहना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इसी परेशानी का एक बेहद शानदार और स्टाइलिश समाधान ग्लैम्पिंग यानी 'लग्जरी कैंपिंग' के रूप में सामने आया है। जैसलमेर के थार रेगिस्तान से लेकर लद्दाख की ठंडी वादियों और गोवा के बीच तक, इन दिनों लग्जरी टेंट का ट्रेंड सिर चढ़कर बोल रहा है। बाहर से देखने में ये साधारण तंबू जैसे लग सकते हैं, लेकिन अंदर से इनमें फाइव-स्टार होटलों जैसी तमाम आलीशान सुविधाएं, आरामदायक बेड, एसी और निजी बाथरूम मौजूद होते हैं। रात के वक्त खुले आसमान के नीचे बैठकर तारों को निहारना और अलाव के पास बैठकर संगीत का आनंद लेना यात्रियों को एक ऐसा अनुभव देता है जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाते हैं।

#इको-फ्रेंडली मड हाउस और बोट हाउस: सस्टेनेबल ट्रैवल का नया और अनोखा दौर

आज का समझदार यात्री पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए 'सस्टेनेबल टूरिज्म' को तेजी से अपना रहा है, जिसके चलते मिट्टी के घरों यानी मड हाउस का क्रेज बहुत बढ़ गया है। पूरी तरह से प्राकृतिक मिट्टी, बांस और भूसे से बने ये घर गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में गर्म रहते हैं, जो सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, केरल के बैकवाटर्स और कश्मीर की डल झील में तैरने वाले हाउस बोट या केतुवान में ठहरना भी एक ऐसा अनुभव है जो किसी होटल में कभी नहीं मिल सकता। पानी की लहरों के बीच तैरते हुए घर में बैठकर सुबह की चाय पीना और शाम को ढलते सूरज को देखना ट्रैवलर्स के लिए किसी सपने के सच होने जैसा होता है।

#लाइटर हाउस और केबिन स्टे: एकांत और शांति की तलाश में परफेक्ट ठिकाना

भीड़भाड़ और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर कुछ पल पूरी तरह से शांति में बिताने के लिए दुनिया भर के यात्री अब जंगलों के बीच बने लकड़ी के 'केबिन स्टे' या समुद्र के किनारे खड़े ऐतिहासिक 'लाइटर हाउस' में रुकना पसंद कर रहे हैं। स्कैंडिनेवियाई शैली में बने ये छोटे और आरामदायक केबिन उन लोगों के लिए वरदान हैं जो अपनी व्यस्त जिंदगी से ब्रेक लेकर 'डिटॉक्स' होना चाहते हैं। यहां न तो कोई टीवी का शोर होता है और न ही शहर की भागदौड़, बस चारों तरफ पसरा हुआ सन्नाटा और आपकी अपनी किताबें या कला होती है। इन अनोखे और ऑफबीट ठिकानों पर बिगाड़ा गया एक-एक पल इंसान की मानसिक शांति और रचनात्मकता को फिर से जिंदा कर देता है, यही वजह है कि आज का ट्रैवलर पारंपरिक होटलों को छोड़कर इन अनुभवों के पीछे भाग रहा है।