रांची लोहरदगा रेल मार्ग पर आज से फिर दौड़ेंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगी भारी राहत, देखें पूरा शेड्यूल
News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची और लोहरदगा के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ समय से तकनीकी कारणों या ट्रैक मरम्मत (जैसा कि रिपोर्ट में संकेत है) की वजह से बाधित रेल सेवा सोमवार (30 मार्च) से फिर से बहाल होने जा रही है। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करते हुए हरी झंडी दे दी है। इस मार्ग पर ट्रेनों के दोबारा परिचालन से न केवल आम यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
पटरियों पर लौटेगी रौनक, स्टेशनों पर बढ़ी चहल-पहल रांची-लोहरदगा रेल खंड पर ट्रेनों का पहिया थमने से हजारों यात्री परेशान थे। बसों और निजी वाहनों का सहारा लेने के कारण लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। सोमवार सुबह से ही लोहरदगा और रांची के स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। रेलवे ने साफ किया है कि सभी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार ही चलेंगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे रेलवे के आधिकारिक ऐप या पूछताछ केंद्र से समय सारिणी की पुष्टि कर लें।
सफर होगा आसान, समय की होगी बचत रांची से लोहरदगा का सफर ट्रेन के जरिए न केवल किफायती है, बल्कि समय की भी काफी बचत करता है। इस रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों के बहाल होने से दूध विक्रेता, सब्जी व्यापारी और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों ने खुशी जताई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैक के रखरखाव का काम पूरा कर लिया गया है और अब ट्रेनें अपनी सामान्य गति से चल सकेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ संवेदनशील मोड़ों पर गति सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश लोको पायलटों को दिए गए हैं।
इन ट्रेनों के परिचालन से मिलेगी मजबूती बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर चलने वाली प्रमुख पैसेंजर ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का आवागमन भी सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। इससे लोहरदगा क्षेत्र से होने वाले माल परिवहन में तेजी आएगी। रेलवे ने स्टेशनों पर सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए अतिरिक्त कोच लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल, ट्रेन सेवा शुरू होने से रांची और लोहरदगा के बीच की दूरियां एक बार फिर कम हो गई हैं।