झारखंड में सरकारी भुगतान और DBT की डेडलाइन बदली 31 नहीं, अब 30 मार्च ही आखिरी मौका
News India Live, Digital Desk: झारखंड के सरकारी विभागों, ठेकेदारों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर होने वाले सरकारी भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की समय सीमा में वित्त विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब 31 मार्च की बजाय 30 मार्च को ही वित्तीय वर्ष का अंतिम कार्यदिवस (Final Working Day) घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि सभी लंबित भुगतान और ट्रांजैक्शन अब 30 मार्च को ही निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने होंगे।
महावीर जयंती की छुट्टी बनी वजह अचानक हुए इस बदलाव के पीछे का मुख्य कारण 31 मार्च को पड़ने वाली 'महावीर जयंती' की छुट्टी है। चूंकि उस दिन सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहेंगे, इसलिए वित्त विभाग ने आरबीआई (RBI) के दिशा-निर्देशों के आधार पर 30 मार्च को ही अंतिम दिन तय किया है। वित्त विभाग की अपर निदेशक संध्या गुप्ता ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों, कोषागार पदाधिकारियों और बैंकों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
शाम 6 बजे तक ही होंगे ट्रांजैक्शन नई समय सारिणी के अनुसार, 30 मार्च को सभी प्रकार के सरकारी ई-पेमेंट और भुगतान शाम 6 बजे तक ही किए जा सकेंगे। वहीं, डीबीटी (DBT) भुगतान की प्रोसेसिंग के लिए कट-ऑफ समय 12 बजे से बढ़ाकर दोपहर 3 बजे तक किया गया है, जबकि रिटर्न सेशन को शाम 6 बजे तक बंद कर दिया जाएगा। रात 10 बजे तक एसएफटीपी (SFTP) सर्वर में प्राप्त होने वाली ई-पेमेंट फाइलों का ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन इस वित्तीय वर्ष के खातों में दर्ज नहीं होगा।
ठेकेदारों और लाभार्थियों पर पड़ेगा सीधा असर वित्तीय वर्ष के आखिरी घंटों में आमतौर पर बिलों के भुगतान और खातों के समायोजन की होड़ मची रहती है। इस बदलाव से उन ठेकेदारों को झटका लग सकता है जिनके बिल अभी प्रक्रिया में हैं। साथ ही, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति और किसान निधि जैसी योजनाओं के लाभार्थी, जिन्हें डीबीटी के जरिए पैसा मिलता है, उन्हें भी समय सीमा का ध्यान रखना होगा। विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 मार्च की डेडलाइन से पहले अपने सभी लंबित बिल क्लियर कर लें ताकि नए वित्त वर्ष (2026-27) की शुरुआत सुचारू रूप से हो सके।