झारखंड में बर्फीली हवाओं का टॉर्चर ,2026 की पहली सुबह रूह कपाने वाली ठंड का संकेत

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News India Live, Digital Desk : आज 31 दिसंबर 2025 की दोपहर है और चारों ओर नए साल की खुशियों का शोर है। जहाँ एक तरफ लोग कल सुबह की सैर और पिकनिक का प्लान बना रहे हैं, वहीं झारखंड के आसमान और हवाओं ने अपना तेवर बदल लिया है। मौसम विभाग ने झारखंड के 4 विशेष जिलों में 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी कर दिया है। यानी 2025 की ये विदाई वाली रात सिर्फ़ आतिशबाज़ी ही नहीं, बल्कि रोंगटे खड़ा कर देने वाली ठंड लेकर भी आ रही है।

बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई 'कनकनी'

पिछले कुछ दिनों से झारखंड में धूप तो खिल रही थी, लेकिन जैसे ही शाम ढलती है, हाड़ कपा देने वाली ठंड (Cold Wave) महसूस हो रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन 4 जिलों में पड़ेगा जहाँ न्यूनतम तापमान अब सिंगल डिजिट (10 डिग्री से नीचे) की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

इन 4 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

येलो अलर्ट का मतलब ये है कि अब सावधानी बरतने का वक्त आ गया है। खासकर पलामू प्रमंडल और उत्तरी झारखंड के कुछ जिलों में 'कोल्ड डे' जैसे हालात बन सकते हैं। यहां की सर्द हवाएं आपकी त्वचा को तो सूखा बना ही रही हैं, साथ ही कोहरे की चादर ने रास्तों को धुंधला कर दिया है। अगर आप आज रात पार्टी के लिए कहीं बाहर जाने वाले हैं, तो गाड़ी की रफ़्तार पर काबू और शरीर पर गर्म कपड़ों की दो परतें जरूर रखें।

क्या कोहरे में गुम हो जाएगा नए साल का जश्न?

बिहार और उत्तर प्रदेश से सटे झारखंड के इलाकों में सुबह-सुबह इतना घना कोहरा छाने की उम्मीद है कि हाथ को हाथ सुझाई न दे। इसका सीधा असर ट्रेनों और उड़ानों पर भी पड़ सकता है। अगर आप 1 जनवरी 2026 को दोस्तों के साथ पिकनिक पर जाने वाले हैं, तो कोहरे के चलते थोड़ी देरी संभव है। सूरज चढ़ने के बाद ही घर से निकलना समझदारी होगी।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह

अचानक पारा गिरने से बुजुर्गों में सांस की तकलीफ और बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। रात में जब ओस गिरती है, तो उस समय कनकनी और ज्यादा खतरनाक होती है। अलाव के सहारे लोग ठंड काटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से रैन-बसेरों और सार्वजनिक जगहों पर कम्बल और आग की पुख्ता व्यवस्था अभी भी बड़ी चुनौती है।