पिंक सिटी में कोहरे का टॉर्चर ,जयपुर में ज़ीरो विजिबिलिटी ने रोकी गाड़ियां क्या बढ़ेंगी स्कूलों की छुट्टियां?
News India Live, Digital Desk : बात अगर आज के जयपुर की करें, तो कोहरा इतना जबरदस्त था कि सुबह के 8-9 बजे भी ऐसा लग रहा था मानो अभी भोर हुई है। हाईवे से लेकर शहर के बीचों-बीच बनी सड़कों पर गाड़ियां कछुए की रफ़्तार से रेंग रही थीं और 'ज़ीरो विजिबिलिटी' की वजह से ड्राइवर्स को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। राजस्थान के बाकी हिस्सों से आने वाली सर्द हवाओं ने इस गलन को और बढ़ा दिया है।
सबसे बड़ा सवाल जो हर घर में चल रहा है, वो है बच्चों की सुरक्षा। इतनी ठंड में छोटे बच्चों को तैयार करना और उन्हें स्कूल भेजना किसी जंग लड़ने से कम नहीं है। जयपुर के कई स्कूलों की टाइमिंग पहले ही बदली जा चुकी है, लेकिन अब जैसे-जैसे पारा गिर रहा है और कोहरा बढ़ रहा है, लोग इस इंतज़ार में हैं कि क्या छुट्टियाँ और बढ़ाई जाएंगी? प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि बढ़ती सर्दी और खराब विजिबिलिटी को देखते हुए स्थानीय स्तर पर कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
सिर्फ जयपुर ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों जैसे चुरू और बीकानेर से आने वाली बर्फीली हवाएं जयपुर में रात का तापमान भी तेज़ी से गिरा रही हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यह 'कोल्ड वेव' यानी शीतलहर अभी अगले कुछ दिन पीछा नहीं छोड़ने वाली है।
इस मौसम में सबसे अच्छी सलाह यही है कि अगर बहुत ज़्यादा ज़रूरी न हो, तो कोहरे के समय लंबी यात्रा करने से बचें। स्कूलों के बारे में ताज़ा जानकारी के लिए अपने बच्चों के स्कूल ग्रुप्स और न्यूज़ पर नज़र बनाए रखें क्योंकि कोहरा सिर्फ दृश्यता कम नहीं कर रहा, बल्कि कई बीमारियों का कारण भी बन रहा है। फिलहाल तो बस यही कहा जा सकता है कि राजस्थान में 'रजाई ही सबसे बड़ा सुकून' है। अपनी सेहत का ख्याल रखें और सुरक्षित रहें।