देश की अखंडता से खिलवाड़ करने वाले कान खोलकर सुन लें, एकता दिवस पर CM योगी की सीधी चेतावनी
News India Live, Digital Desk : भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, जिसे पूरा देश 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाता है, के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठी। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने GPO पार्क स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद 'रन फॉर यूनिटी' (एकता की दौड़) को हरी झंडी दिखाई और खुद भी इस दौड़ में शामिल होकर एकता का संदेश दिया।
लेकिन इस मौके पर सीएम योगी ने सिर्फ दौड़ ही नहीं लगाई, बल्कि देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों को अपने चिर-परिचित कड़े और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी भी दी।
"अब कोई देश को तोड़ नहीं सकता"
हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 563 से ज्यादा रियासतों को एक करके आज के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की नींव रखी थी। उन्होंने उस वक्त देश को तोड़ने की साजिश करने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया था।
आज के संदर्भ में बात करते हुए सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "आज भी जो लोग जाति, मत, मजहब, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने और देश की अखंडता के साथ खिलवाड़ करने की साजिश कर रहे हैं, वे कान खोलकर सुन लें, उनका कोई भी मंसूबा सफल नहीं होगा। यह देश अब किसी भी तरह का विभाजन बर्दाश्त नहीं करेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का भारत सरदार पटेल के सपनों को साकार कर रहा है और देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
युवाओं को दिलाया 'एकता का संकल्प'
सीएम योगी ने युवाओं से सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह दौड़ सिर्फ एक symbolic run नहीं है, बल्कि यह देश की एकता और अखंडता के प्रति हमारे संकल्प को दर्शाती है। हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम ऐसी किसी भी ताकत को सफल नहीं होने देंगे जो हमारे देश को कमजोर करने की कोशिश करती है।"
यह 'रन फॉर यूनिटी' GPO पार्क से शुरू होकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर समाप्त हुई, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सीएम योगी का यह कड़ा संदेश साफ तौर पर उन लोगों के लिए था जो समय-समय पर देश के भीतर अलगाववाद या वैमनस्य फैलाने का प्रयास करते हैं