पत्नी के नाम पर जमीन लेने वालों, सावधान! बदल गया रजिस्ट्री का सबसे बड़ा नियम, एक गलती और आपकी प्रॉपर्टी हो सकती है जब्त!

Post

"टैक्स बचेगा...", "स्टांप ड्यूटी कम लगेगी...", "भविष्य में कोई झंझट नहीं होगा..." - यही सोचकर भारत में करोड़ों लोग अपनी पत्नी, माँ या बहन के नाम पर जमीन या मकान खरीदते हैं। लेकिन अब सरकार का एक नया 'ब्रह्मास्त्र' आया है, जो इस पूरे खेल को बदलने वाला है।

Land Registration Rule 2026 के तहत, जमीन की रजिस्ट्री को लेकर एक ऐसा नया और सख्त नियम लागू कर दिया गया है, जो सीधे-सीधे उन लोगों पर असर डालेगा जो सिर्फ फायदों के लिए महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं।

तो आखिर सरकार ने यह नियम बदला क्यों?

सरकार ने पाया कि 10 में से 8 मामलों में, प्रॉपर्टी होती तो पत्नी के नाम पर है, लेकिन उस बेचारी को पता तक नहीं होता।

  • पैसा पति का, कब्जा पति का, फैसला पति का... बस नाम पत्नी का!
  • इससे न तो महिलाओं को असली हक मिल रहा था, और न ही सरकार को सही टैक्स।
  • यह 'बेनामी संपत्ति' और काले धन को छिपाने का एक आसान जरिया बन गया था।
    बस इसी 'पर्दे के पीछे के खेल' को खत्म करने के लिए सरकार यह नया कानून लेकर आई है।

अब क्या बदलेगा? (सबसे बड़ा और सबसे सख्त बदलाव)

अब अगर आप पत्नी या किसी भी महिला के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो आपको रजिस्ट्री के समय यह साबित करना होगा कि उस महिला का उस प्रॉपर्टी में असली योगदान क्या है।
आपको एक शपथ पत्र (Declaration Form) देना होगा, जिसमें साफ-साफ बताना होगा:

  • प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा कहाँ से आया?
  • पेमेंट किसने किया? (पति ने, पत्नी ने, या दोनों ने मिलकर?)
  • उस प्रॉपर्टी में महिला की असली भूमिका क्या है?

अगर जांच में पकड़े गए तो?
अगर जांच में यह पाया गया कि महिला सिर्फ 'नाम की मालकिन' है और असली मालिक कोई और है, तो:

  1. वह रजिस्ट्री रद्द की जा सकती है।
  2. उस प्रॉपर्टी को 'बेनामी' घोषित किया जा सकता है।
  3. और आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

क्या है सरकार का असली मकसद?

सरकार का मकसद साफ है:

  • महिलाओं को असली हक दिलाना: ताकि वे सिर्फ 'कागजी मालकिन' बनकर न रह जाएं। जो महिलाएं सच में निवेश कर रही हैं, उन्हें अब मजबूत कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
  • काले धन पर लगाम: टैक्स चोरी और बेनामी संपत्ति पर रोक लगाना।
  • पारिवारिक झगड़े कम करना: ताकि बाद में तलाक या किसी की मृत्यु होने पर यह साफ रहे कि संपत्ति का असली मालिक कौन है।

तो अब आपको क्या करना चाहिए? (खरीदारों के लिए सलाह)

अगर आप 2026 के बाद पत्नी या किसी महिला के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का खास ध्यान रखें:

  • लेनदेन साफ रखें: सारा पेमेंट बैंक के जरिए (चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर) करें, कैश से बचें।
  • कागज पक्के रखें: पैसों का सोर्स (पैसा कहाँ से आया) बिल्कुल साफ होना चाहिए।
  • ईमानदार रहें: शपथ पत्र में कोई भी गलत जानकारी न दें।

यह नया कानून सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की शुरुआत है, जो महिलाओं को कागजों से निकालकर, उन्हें उनकी संपत्ति का असली 'मालकिन' बनाएगा।