Maharashtra Rajya Sabha 2026 : मविआ में एक सीट के तीन दावेदार! शरद पवार, शिवसेना और कांग्रेस के बीच फंसा पेंच

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News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र से राज्यसभा की 7 सीटें अप्रैल 2026 में खाली हो रही हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इन सीटों के लिए नामांकन 5 मार्च 2026 तक भरे जा सकते हैं और मतदान 16 मार्च को होगा।

1. महाविकास अघाड़ी (MVA) का संकट

मविआ के पास वर्तमान में विधानसभा में लगभग 49-50 विधायकों का समर्थन है, जिससे वे केवल एक उम्मीदवार को आसानी से राज्यसभा भेज सकते हैं। विवाद इसी एक सीट को लेकर है:

शरद पवार (NCP-SP): शरद पवार का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। उनकी पार्टी चाहती है कि पवार साहब को फिर से राज्यसभा भेजा जाए।

शिवसेना (UBT): उद्धव ठाकरे गुट का तर्क है कि संख्या बल के आधार पर इस बार उनकी बारी है। पार्टी प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा मौका देना चाहती है या किसी नए चेहरे पर विचार कर रही है।

कांग्रेस: कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति मजबूत करने के लिए यह सीट उसे मिलनी चाहिए।

2. महायुति (NDA) की स्थिति

सत्ताधारी महायुति गठबंधन (BJP, एकनाथ शिंदे गुट और अजित पवार गुट) अपनी मजबूत संख्या के कारण 7 में से 5 से 6 सीटें जीतने की स्थिति में है।

अजित पवार गुट (NCP): अजित पवार की पार्टी ने पार्थ पवार (Parth Pawar) को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने के संकेत दिए हैं।

भाजपा: भाजपा अपने कोटे से डॉ. भागवत कराड जैसे दिग्गजों को दोहरा सकती है या नए चेहरों को मौका दे सकती है।

3. कार्यकाल समाप्त होने वाले प्रमुख नेता

अप्रैल 2026 में इन दिग्गजों का कार्यकाल पूरा हो रहा है:

शरद पवार (NCP-SP)

रामदास आठवले (RPI-A)

प्रियंका चतुर्वेदी (Shiv Sena UBT)

डॉ. भागवत कराड (BJP)

फौजिया खान (NCP-SP)

धैर्यशील पाटिल (BJP)

एक अन्य सीट (भाजपा/निर्दलीय समर्थित)

4. पेंच कहाँ फंसा है?

गुरुवार (26 फरवरी 2026) को हुई मविआ की बैठक बेनतीजा रही। कांग्रेस ने शिवसेना को 'ऑफर' दिया है, लेकिन शिवसेना (UBT) अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं है। वहीं, शरद पवार की उम्मीदवारी पर गठबंधन में सर्वसम्मति बनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन संख्या बल की कमी के कारण 'वोटों के बंटवारे' का डर भी सता रहा है।