मैदान पर पसीना बहाने से ज्यादा जरुरी है ये काम जानिए विराट कैसे रखते हैं खुद को सुपर फिट

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News India Live, Digital Desk: हम सब जानते हैं कि विराट कोहली (Virat Kohli) सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि क्रिकेट की दुनिया का वो ब्रांड हैं जिन्होंने फिटनेस (Fitness) की परिभाषा ही बदल दी है। जब वो मैदान पर दौड़ते हैं, तो लगता ही नहीं कि उनकी उम्र बढ़ रही है। लेकिन, हाल ही में एक शानदार पारी खेलकर मैच जिताने के बाद, किंग कोहली ने अपनी उम्र और फिटनेस को लेकर एक ऐसी बात कही है, जो हर खेल प्रेमी और युवा को सुननी चाहिए।

हाल ही में हुए मैच में कोहली ने अपने बल्ले से फिर आग उगली और टीम को जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया। लेकिन मैच के बाद प्रेजेंटेशन (Post-match presentation) के दौरान उनका दर्द और अनुभव दोनों छलका।

"मैं अब 37 का हो गया हूँ..."

जी हाँ, विराट कोहली ने बहुत ही ईमानदारी से अपनी बढ़ती उम्र का जिक्र किया। (आपको याद दिला दें, 2025 में विराट 37 साल के हो चुके हैं)। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "जब आप 37 साल के हो जाते हैं, तो चीजें वैसी नहीं रहतीं जैसी 25 में होती थीं।" उनका इशारा इस तरफ था कि मैच में शानदार प्रदर्शन करने के बाद शरीर बुरी तरह थक जाता है और अब उन्हें "रिकवरी" (Recovery) पर सबसे ज्यादा ध्यान देना पड़ता है।

मैच खेलना आसान है, रिकवरी मुश्किल

विराट ने समझाया कि लोगों को सिर्फ वो 3-4 घंटे दिखाई देते हैं जब वो ग्राउंड पर होते हैं। लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर उनके लिए असली चुनौती मैच के बाद शुरू होती है।

  • नींद और आराम: विराट ने बताया कि अगली चुनौती के लिए तैयार होने के लिए अच्छी नींद और शरीर को आराम देना अब उनके लिए किसी भी प्रैक्टिस सेशन से ज्यादा जरूरी हो गया है।
  • अनुशासन: उम्र के इस पड़ाव पर भी विकेटों के बीच इतनी तेज दौड़ना (Running between the wickets) आसान नहीं है। इसके लिए उन्हें खाने-पीने से लेकर जिम में पसीना बहाने तक, बहुत कड़ा अनुशासन पालन करना पड़ता है।

युवा खिलाड़ियों के लिए सबक

कोहली की यह बातें उन नन्हें खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सबक हैं जो सिर्फ बैटिंग या बॉलिंग पर ध्यान देते हैं। विराट का कहना है कि अगर आप लंबे समय तक खेलना चाहते हैं, तो आपको अपने शरीर की भाषा समझनी होगी। रिकवरी का मतलब है आइस बाथ, सही डाइट और मांसपेशियों को रिलैक्स करना।

कोहली ने साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ़ एक नंबर है, अगर आपका जूनून और डिसिप्लिन पक्का हो। आज भी जब वो 37 साल की उम्र में 20 साल के खिलाड़ियों को दौड़ में हरा देते हैं, तो दिल से बस एक ही आवाज निकलती है "ओल्ड इज गोल्ड!"

दोस्तों, क्या आप भी विराट कोहली की इस फिटनेस के दीवाने हैं? उनकी यह मेहनत वाकई सलाम करने लायक है।