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March 14 2026 06:52 am

बिहार कांग्रेस में टिकट बांटता दिखा ये बाहरी नेता, जानें कौन है कुमार गौरव जिनकी मौजूदगी से मचा है बवाल

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News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. इस बार विवाद का केंद्र बना है एक ऐसा चेहरा, जिसका नाम अब तक बिहार कांग्रेस की राजनीति में गुमनाम था - कुमार गौरव. झारखंड के रहने वाले इस युवा नेता को पटना स्थित पार्टी मुख्यालय 'सदाकत आश्रम' में उम्मीदवारों को टिकट का सिंबल बांटते हुए देखा गया, जिसके बाद से ही पार्टी के भीतर और बाहर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

कौन हैं कुमार गौरव?

कुमार गौरव मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं और यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्हें बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी अजय कपूर का करीबी माना जाता है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि बिहार जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में टिकट वितरण जैसे महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी एक ऐसे व्यक्ति को दी गई, जिसका सीधा संबंध राज्य की राजनीति से नहीं है.

क्यों मचा है इस बात पर बवाल?

आमतौर पर किसी भी राज्य में टिकट वितरण का काम प्रदेश अध्यक्ष या फिर प्रदेश प्रभारी की देखरेख में होता है. लेकिन सदाकत आश्रम में जो तस्वीरें सामने आईं, उसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश और राष्ट्रीय प्रभारी अजय कपूर के साथ बैठकर कुमार गौरव ही उम्मीदवारों को सिंबल थमाते नजर आए. इस घटना ने पार्टी के भीतर एक नए "पावर सेंटर" के उभरने का संकेत दिया है.

पार्टी के भीतरखाने में क्या है चर्चा?

कांग्रेस के अंदरखाने में इस बात को लेकर कानाफूसी तेज हो गई है कि क्या पार्टी का मौजूदा प्रदेश नेतृत्व इतना कमजोर हो गया है कि बाहर के नेताओं को बुलाकर टिकट बांटने पड़ रहे हैं? पार्टी के कई पुराने और वरिष्ठ नेता इस घटनाक्रम से नाराज बताए जा रहे हैं. उनका मानना है कि इस तरह के फैसलों से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जाता है और यह गुटबाजी को और बढ़ावा देता ہے.

यह घटना इस बात का साफ संकेत है कि बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व सीधे अपनी निगरानी में काम कर रहा है और उसने अपने खास लोगों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी ہیں, भले ही इससे प्रदेश के नेताओं की अनदेखी क्यों न हो रही हो. चुनाव से ठीक पहले इस तरह की अंदरूनी खींचतान पार्टी के प्रदर्शन पर क्या असर डालेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.