सिर्फ फैशन नहीं, बड़े काम की चीज़ है ये लोहे का छल्ला, शनि देव की कृपा पाने के लिए बस इन नियमों का रखें ख्याल

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News India Live, Digital Desk: अक्सर आपने अपने आस-पास कई लोगों के हाथ की बीच वाली उंगली (Middle Finger) में एक काला सा छल्ला पहने देखा होगा। कुछ लोग इसे नज़र से बचने के लिए पहनते हैं, तो कुछ लोग शनि देव के प्रकोप या 'साढ़ेसाती' के प्रभाव को कम करने के लिए। ज्योतिष शास्त्र में लोहे का छल्ला पहनना एक बेहद अचूक उपाय माना जाता है, लेकिन समस्या यह है कि हम में से ज्यादातर लोग इसे बस 'खरीद कर पहन लो' वाला काम समझ लेते हैं।

सच्चाई यह है कि लोहा सीधे तौर पर शनि देव से जुड़ा है, और अगर इसे नियम के साथ न पहना जाए, तो इसके फायदे मिलने के बजाय मानसिक तनाव बढ़ सकता है। चलिए जानते हैं वो जरूरी नियम जिन्हें लोहे का छल्ला पहनने से पहले हर किसी को पता होना चाहिए।

कैसा होना चाहिए छल्ला?
बाजार में मिलने वाले सामान्य लोहे के छल्ले वो असर नहीं दिखाते जिसकी आप उम्मीद करते हैं। ज्योतिष के अनुसार, अगर छल्ला 'काले घोड़े की नाल' या 'पुरानी नाव की कील' के लोहे से बना हो, तो वह सबसे ज्यादा प्रभावशाली होता है। छल्ले में कोई वेल्डिंग या जोड़ नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे ठंडा करके (बीट कर) गोलाई दी जानी चाहिए।

पहनने का सही समय और दिन
लोहा शनि देव की धातु है, इसलिए इसे पहनने का सबसे उत्तम दिन शनिवार है। कोशिश करें कि इसे शनिवार की शाम को सूरज ढलने के वक्त पहनें। पहनने से पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध जरूर कर लें और शनि मंत्र (ओम शं शनैश्चराय नमः) का जाप करें। इससे छल्ले की सकारात्मक ऊर्जा जाग्रत हो जाती है।

किस हाथ और किस उंगली में पहनें?
यहाँ सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन होता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार:

  • पुरुषों को इसे हमेशा दाएं हाथ की बीच वाली उंगली यानी 'मध्यमा' (Middle Finger) में पहनना चाहिए।
  • महिलाओं के लिए इसे बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना ज्यादा फलदायी माना जाता है।
    इस उंगली का संबंध सीधे शनि पर्वत से होता है, इसलिए यहीं पर लोहे का संपर्क होना सबसे जरूरी है।

सावधानियाँ भी हैं जरूरी
लोहे का छल्ला धारण करने के बाद आपको अपनी आचरण और आदतों में भी थोड़ा बदलाव लाना पड़ता है। कोशिश करें कि आप झूठ बोलने, किसी का हक मारने या तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से परहेज करें। शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है, और जो व्यक्ति लोहे का छल्ला पहनकर गलत काम करता है, उसे इसके विपरीत परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।