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April 28 2026 02:51 am

राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की तीसरी धमकी 5 सिलिकॉन बेस RDX से दहला जयपुर, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजनीति के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले केंद्र, विधानसभा (Vidhan Sabha) को आज एक बार फिर निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पिछले 15 दिनों में यह तीसरी बार है जब विधानसभा को बम से उड़ाने का ईमेल मिला है। इस बार ईमेल में इस्तेमाल किए गए शब्द और तकनीक ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

धमकी का विवरण: "दोपहर 12 बजे तक का समय"

सोमवार सुबह विधानसभा सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर एक चेतावनी भरा संदेश प्राप्त हुआ। ईमेल की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

विस्फोटक का प्रकार: ईमेल में स्पष्ट रूप से '5 सिलिकॉन बेस RDX' बमों का जिक्र किया गया है।

समय सीमा: धमकी देने वाले ने लिखा कि "दोपहर 12 बजे तक विधानसभा को उड़ा दिया जाएगा, इसे मजाक न समझा जाए।"

VIP को चेतावनी: ईमेल में वीआईपी और कर्मचारियों को तुरंत परिसर खाली करने के लिए कहा गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मेगा सर्च ऑपरेशन

धमकी मिलते ही जयपुर पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गईं:

इवेक्युएशन (Evacuation): आनन-फानन में विधानसभा परिसर को खाली कराया गया और अंदर मौजूद कर्मचारियों व अधिकारियों को बाहर निकाला गया।

सघन तलाशी: मौके पर बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड, एटीएस (ATS), और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभाला। चप्पे-चप्पे की मेटल डिटेक्टर और आधुनिक उपकरणों से जांच की जा रही है।

रूट डायवर्जन: ज्योति नगर और विधानसभा की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है।

लगातार तीसरी धमकी: साजिश या शरारत?

अप्रैल के महीने में यह राजस्थान विधानसभा को निशाना बनाने की तीसरी कोशिश है:

13 अप्रैल: पहला ईमेल मिला, जांच में कुछ नहीं मिला।

24 अप्रैल: दूसरा ईमेल आया, जिसमें चेन्नई से दो सुसाइड अटैकर्स के आने की बात कही गई थी। वह भी 'होक्स' (Hoax) निकला।

27 अप्रैल (आज): यह तीसरी और अधिक गंभीर धमकी है, जिसमें विशेष विस्फोटक (RDX) का नाम लिया गया है।

नितिन नवीन के दौरे के बीच हाई अलर्ट

आज ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (संभावित संदर्भ: नितिन नवीन या वरिष्ठ नेता) का राजस्थान दौरा है। ऐसे संवेदनशील समय पर विधानसभा को उड़ाने की धमकी मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी राजस्थान खुद इस स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।