झारखंड पुलिस के इन जांबाज अफसरों ने रच दिया इतिहास, गणतंत्र दिवस पर 12 मेडल मिलना बड़ी बात

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News India Live, Digital Desk : आज गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (eve) पर पूरे देश ने एक बड़ा ऐलान सुना है—हमारे वीर जवानों और अफसरों को उनकी बहादुरी के लिए बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया है। इसी कड़ी में झारखंड (Jharkhand) पुलिस का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया है।

एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 12 पुलिस अफसरों और कर्मियों को वीरता पदक (Gallantry Awards) और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। यह दिखाता है कि झारखंड पुलिस किस हिम्मत और जज्बे के साथ काम कर रही है।

वीरता के लिए मिले हैं ये मेडल (मुख्य फोकस)

ज्यादातर पुरस्कार उन अधिकारियों और जवानों को दिए गए हैं, जिन्होंने नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ चलाए गए अभियानों में अपनी जान की परवाह न करते हुए असाधारण साहस दिखाया। झारखंड का इलाका हमेशा से ही नक्सल प्रभावित रहा है, इसलिए यहाँ हर कार्रवाई 'जान जोखिम' में डालकर करनी पड़ती है।

इस सम्मान से पुलिस कर्मियों का हौसला कई गुना बढ़ जाता है।

पुरस्कारों की पूरी लिस्ट क्या कहती है?

कुल 12 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग श्रेणी में ये पदक मिले हैं:

  1. वीरता पदक (Gallantry Medal): यह सम्मान सबसे खास होता है, जो सीधे बहादुरी और जांबाजी के लिए दिया जाता है। इस श्रेणी में उन अधिकारियों को नवाजा गया है, जिन्होंने एनकाउंटर या खतरनाक ऑपरेशनों का नेतृत्व किया।
  2. विशिष्ट सेवा पदक (Distinguished Service Medal): यह मेडल उन सीनियर अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने बहुत लंबी और बेहतरीन सेवा दी हो और अपने काम में एक ऊंचा बेंचमार्क सेट किया हो।
  3. सराहनीय सेवा पदक (Meritorious Service Medal): उन कर्मियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने ईमानदारी, लगन और निष्ठा के साथ लंबे समय तक काम किया हो।

इन सभी में कांस्टेबल से लेकर बड़े पुलिस अफसर तक शामिल हैं। हर जवान की अपनी शौर्य गाथा है, जिसे देश ने पहचान दी है।

इस सम्मान का महत्व

  • झारखंड में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सम्मान एक बड़ी प्रेरणा का काम करेगा।
  • नक्सली आतंक पर अंकुश लगाने के पुलिस के प्रयासों को केंद्र सरकार की तरफ से मिली यह बड़ी शाबाशी है।