IPL का बढ़ेगा कद, इंटरनेशनल क्रिकेट पर गिरेगा हथौड़ा, 2027 के बाद बदल जाएगा क्रिकेट का पूरा कैलेंडर
News India Live, Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं, तो आने वाले कुछ सालों में आपको इंटरनेशनल मैचों से ज्यादा आईपीएल (IPL) का रोमांच देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, साल 2027 के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट के कैलेंडर में भारी कटौती की जा सकती है, ताकि आईपीएल के लिए एक बड़ी और खास विंडो निकाली जा सके। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) कम होंगी और लीग क्रिकेट का दबदबा बढ़ेगा।
मैचों की संख्या और सीजन की अवधि में होगा इजाफा
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और आईसीसी (ICC) के बीच चल रही अनौपचारिक चर्चाओं की मानें तो आईपीएल के अगले चक्र (Cycle) में मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 84 या उससे भी अधिक की जा सकती है। वर्तमान में आईपीएल लगभग दो महीने तक चलता है, जिसे बढ़ाकर ढाई से तीन महीने करने की योजना है। इस बदलाव का उद्देश्य न केवल क्रिकेट के रोमांच को बढ़ाना है, बल्कि ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
खतरे में द्विपक्षीय सीरीज का भविष्य?
इस बड़े बदलाव का सबसे ज्यादा असर इंटरनेशनल द्विपक्षीय सीरीज पर पड़ेगा। जब आईपीएल का सीजन लंबा होगा, तो उस दौरान कोई भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय सीरीज आयोजित करना मुश्किल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वनडे क्रिकेट के भविष्य पर और भी गहरा संकट मंडरा सकता है। खिलाड़ी भी अब देश के लिए खेलने के बजाय टी20 लीग्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि यहां पैसा और शोहरत दोनों ज्यादा हैं।
ब्रॉडकास्टर्स और रेवेन्यू मॉडल पर नजर
आईपीएल की विंडो बड़ी होने से विज्ञापनदाताओं और ब्रॉडकास्टर्स को मोटी कमाई का मौका मिलेगा। जैसे-जैसे आईपीएल ग्लोबल ब्रांड बन रहा है, वैसे-वैसे अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड भी अपनी लीग्स के लिए विंडो की मांग कर रहे हैं। हालांकि, बीसीसीआई की ताकत और बाजार को देखते हुए आईपीएल को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जा रही है। 2027 के बाद का फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) पूरी तरह से टी20 लीग्स के इर्द-गिर्द बुना जा सकता है।