NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का वो राज़, जिसे DNA सैंपल खोलेंगे, अब पुलिस भी संदेह में
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब और गहराता जा रहा है। जहां पुलिस शुरुआत में इसे आत्महत्या मान रही थी, वहीं मृतक के परिवार और राजनेताओं के दबाव के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) अब 'आत्महत्या' के सिद्धांत पर शक करने लगी है।
जांच में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब एसआईटी ने इस मामले से जुड़े छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल (DNA Sample) लिए हैं। यह दिखाता है कि पुलिस इस मामले को हत्या के एंगल से भी देख रही है और जांच की दिशा अब बदल चुकी है।
मामले की पूरी गंभीरता क्या है?
पटना के जिस इलाके में यह छात्रा रहती थी, वहां उसकी मौत का मामला कई गंभीर सवालों को जन्म देता है। परिवार वालों ने सीधे तौर पर कहा है कि यह सुसाइड नहीं बल्कि हत्या का मामला है और इसके पीछे कई अन्य लोग शामिल हैं।
- हत्या का शक: छह संदिग्धों से डीएनए लेना बताता है कि जांच टीम अब इस आशंका को गंभीरता से ले रही है कि मौत किसी अपराध या जबरन क्रिया का नतीजा हो सकती है, न कि केवल आत्महत्या का।
पप्पू यादव ने जताया गंभीर संदेह
इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजनीतिक गलियारों से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने भी मामले को उठाते हुए गंभीर संदेह जताया है।
पप्पू यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए मांग की है कि जांच को निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले, जहां मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही महत्वाकांक्षी छात्राएं संदिग्ध हालात में मर रही हैं, वे सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि समाज की नैतिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
अब डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा कि क्या छात्रा ने सच में आत्महत्या की थी, या इसके पीछे कोई गहरी और खौफनाक साजिश थी।