मेरठ की सड़कों पर अब नहीं लगेगा जाम! इन 4 चौराहों का होगा ऐसा कायाकल्प कि पहचान नहीं पाएंगे आप
"मेरठ पहुँच तो गए, पर शहर के जाम में फँस गए..." यह शिकायत अब शायद जल्द ही पुरानी होने वाली है। मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) ने शहर की सबसे बड़ी सिरदर्दी, यानी ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए एक बड़ा और मास्टर प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत शहर के 4 सबसे व्यस्त और बड़े चौराहों को चुना गया है, जिनकी सूरत अब पूरी तरह से बदलने वाली है।
अगर आप भी रोज़ाना तेजगढ़ी चौराहे के जाम से जूझते हैं या हापुड़ अड्डे पर फँसकर परेशान होते हैं, तो यह ख़बर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी।
कौन से हैं वो 4 चौराहे?
मेरठ विकास प्राधिकरण ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन चार प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण करने का बीड़ा उठाया है:
- तेजगढ़ी चौराहा: यह शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। यहाँ अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
- हापुड़ अड्डा चौराहा: पुराने शहर को नए शहर से जोड़ने वाला यह चौराहा भी जाम के लिए बदनाम है।
- बच्चा पार्क चौराहा: शहर के बीचों-बीच स्थित यह चौराहा ख़रीदारी करने वालों और आम राहगीरों, दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
- कमिश्नर आवास चौराहा: यह वीआईपी इलाक़ा होने के बावजूद ट्रैफिक के दबाव से अछूता नहीं है।
क्या बदलेगा और कैसे होगा काम?
इन सभी चौराहों को हर तरफ से चौड़ा किया जाएगा ताकि गाड़ियों को निकलने के लिए ज़्यादा जगह मिल सके। प्राधिकरण ने इसके लिए पूरा सर्वे करवा लिया है कि किस चौराहे को कितना चौड़ा करने की ज़रूरत है। इस काम के लिए आसपास की ज़मीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा।
एमडीए का लक्ष्य है कि इन चौराहों को इतना खुला और व्यवस्थित बना दिया जाए कि यहाँ से ट्रैफिक बिना रुके, आसानी से निकल सके। इससे न सिर्फ़ लाखों मेरठवासियों का रोज़ का समय बचेगा, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ सड़कें चौड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मेरठ को एक स्मार्ट और जाम-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा क़दम है। अब देखना यह है कि ज़मीन पर यह योजना कितनी जल्दी उतरती है और मेरठ के लोगों को जाम के झाम से कब तक मुक्ति मिलती है।